- पांच साल पहले बांकेलाल ने खरीदा था खेत, उस समय आरोपी पक्ष का था कब्जा
संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं। बिहारी की गौटिया के मुकद्दम उर्फ बांकेलाल की हत्या में भले ही कुंवरगांव थाना पुलिस अभी किसी नतीजे पर नहीं पहुंची है लेकिन शुरुआती दौर में यह पुरानी रंजिश में हत्या का मामला माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि जिन लोगों को नामजद कराया गया है। उनसे पांच साल से बांकेलाल की रंजिश चल रही थी। एक माह पहले दोनों पक्षों में जमकर मारपीट भी हुई और दोनों तरफ से एफआईआर भी दर्ज कराई गई थी लेकिन थाना पुलिस इस मामले को हल्के में लेती रही। अंतत: इतनी बड़ी वारदात हो गई।
बांकेलाल ने करीब पांच साल पहले अपने ही गांव के बिहारी लाल से करीब आधा बीघा खेत खरीदा था। यह खेत नामजद आरोपियों नेत्रपाल, गंगाधर, दीपचंद्र और भूपेंद्र के कब्जे में था। पहले बिहारी लाल ने आरोपियों से ही खेत खरीदने की पेशकश की, पर आरोपी तैयार नहीं हुए और न ही खेत से कब्जा छोड़ा। यह देखकर बिहारी लाल ने खेत बांकेलाल को बेच दिया। इसके बाद भी आरोपियों ने कब्जा नहीं छोड़ा।
ऐसे में पांच जनवरी 2024 को बांकेलाल ने ईंटें मंगवाकर उस जगह पर नींव भरवा दी। इस पर रात को ही आरोपी चुपचाप गए और उन्होंने नींव उखाड़कर फेंक दी। जब दूसरे दिन बांकेलाल खेत पर पहुंचे तो उन्होंने नींव उखड़ी देखी। शिकायत करने पर आरोपियों ने उनके ऊपर हमला कर दिया था। इसमें उनके छोटे भाई राजपाल की पत्नी शीला का हाथ में फ्रेक्चर भी हो गया था।
इस पर बांकेलाल ने चारों भाइयों के खिलाफ मारपीट, गालीगलौज के आरोप में एफआईआर दर्ज कराई लेकिन बाद में पुलिस ने आरोपी गंगाधर की ओर से भी बांकेलाल, राजपाल, भूपेंद्र और शीला के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज कर ली थी। इससे आरोपियों के हौसले और बढ़ गए।
-
घटनास्थल पर पड़ा मिला कारतूस
जिस जगह पर बांकेलाल की हत्या हुई। वहां पर 315 बोर का कारतूस भी पड़ा मिला। अनुमान लगाया जा रहा है कि हत्यारे असलहा लेकर आए थे लेकिन उन्होंने गोली नहीं चलाई। उन्होंने केवल किसी धारदार हथियार से गला काटकर बांकेलाल की हत्या कर दी।
-
दो से ज्यादा हत्यारे होने का अनुमान
बांकेलाल की हत्या करना किसी अकेले की बस की बात नहीं थी। यह भी बताया जा रहा है कि बांकेलाल खुद अपने आप में दबंग प्रवृत्ति के थे। वह गांव में किसी से डरते नहीं थे। इससे हर किसी की उनसे बोलने की हिम्मत नहीं होती थी। ऐसे में उनकी हत्या में दो से ज्यादा लोगों का हाथ होने का अनुमान लगाया जा रहा है।
-
हत्यारों ने गेहूं के खेत में फेंक दी थी जैकेट और हेलमेट
हत्यारों ने बांकेलाल की जैकेट और हेलमेट गेहूं के खेत में फेंक दिया था। जब फोरेेंसिक टीम मौके पर पहुंची तो गेहूं के खेत की तलाशी ली गई। इसके लिए कई पुलिस कर्मी और गांव के लोग लगाए गए। एक तरफ से खेत में खोज की गई। तब किसान की जैकेट और हेलमेट खेत में पड़े मिले लेकिन किसान के दो मोबाइल नहीं मिले।