बदायूं। कई जिलों में नौकरी करने वाली शिक्षिका का खुलासा होने के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। वहीं शिक्षिका के कस्तूरबा गांधी स्कूलों में भी नौकरी करने की बात सामने आ रही है। इसको लेकर शासन ने सभी कस्तूूरबा स्कूलों के स्टाफ के अभिलेखों को दोबारा जांचने के निर्देश दिए हैं। निर्देशों के क्रम में यहां पर भी शिक्षिकाओं के अभिलेखों को चेक किया जाएगा।
शिक्षा विभाग हमेशा से ही चर्चाओं में बना रहा है। कभी फर्जी शिक्षकों की नियुक्ति को लेकर तो कभी शिक्षकों द्वारा प्रेरणा एप के विरोध में। एक बार फिर शिक्षा विभाग सुर्खियों में एक शिक्षिका की वजह से आ गया है। शिक्षिका एक नहीं दो नहीं बल्कि पूरे 25 जनपदों में नौकरी कर रही थी। यह बात सामने आने के बाद में शिक्षा विभाग मेें हड़कंप मचा है। चर्चा है कि फर्जी शिक्षिका कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में भी अपना योगदान दे रही थी। इसको लेकर शासन ने सभी जनपदों के बीएसए को कस्तूरबा स्कूलों में तैनात शिक्षिकाओं समेत संपूर्ण स्टाफ के शैक्षिक प्रमाण पत्र जांचने के निर्देश दिए हैं। ताकि अगर कहीं पर कोई गड़बड़ी हो उसे पकड़ा जा सकें।
तीन चरणों में किया जाएगा सत्यापन
- शिक्षिका का प्रकरण उजागर होने के बाद में बेसिक शिक्षा विभाग किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरतना चाहता है। अब वह कस्तूरबा गांधी में तैनात संपूर्ण स्टाफ के अभिलेखों की जांच कराएगा। पहले विभाग आधार कार्ड के आधार पर सभी दस्तावेेज चेक करेंगे। इसके बाद में बीएसए कार्यालय बुलाकर सभी के मूल अभिलेखों की जांच होगी। वहीं अंत में बोर्ड को भेजकर भी अभिलेखों का सत्यापन कराया जाएगा।
शासन के निर्देशों के क्रम में कार्रवाई की जाएगी। शिक्षिका समेत सभी स्टाफ के अभिलेखों को चेक किया जाएगा। अगर किसी में कोई गड़बड़ी निकलती है तो शासन को अवगत कराते हुए उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
- रामपाल सिंह, बीएसए