उझानी। कटरी के गांव चौसिंगा के प्राथमिक विद्यालय के बच्चे जान जोखिम में डालकर पढ़ाई कर रहे हैं। विद्यालय भवन की छत का प्लास्टर उखड़ गया है। सरिया का जाल दिखने लगा है। बारिश में छत टपकती है। खिड़कियों से लोहे की ग्रिल चोरी हो गई है। ऐसे में बच्चों को पेड़ के नीचे बैठाकर पढ़ाया जा रहा है। बारिश होने पर सभी बच्चे और शिक्षक हेडमास्टर के कक्ष में बैठकर जान बचाते हैं।
उझानी ब्लॉक क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालयों में सबसे ज्यादा खराब स्थिति चौसिंगा प्राथमिक विद्यालय की है। करीब एक दशक पहले इस विद्यालय के भवन के बुरे दिनों की शुरूआत हुई। दो कमरों के विद्यालय परिसर में एक कमरे की छत ज्यादा खराब है। इस कमरे में बच्चे डर के मारे नहीं जाते। दूसरे कमरे की खिड़कियां चोरी हो गईं। पीछे की दीवार में दरार पड़ गई है।
बच्चों को पेड़ के नीचे बैठाकर पढ़ाने के अलावा अध्यापकों के सामने कोई दूसरा विकल्प नहीं है। बारिश के समय उन्हें पेड़ के नीचे बैठाकर भी नहीं पढ़ाया जा सकता। विद्यालय में 75 विद्यार्थी पंजीकृत हैं। पड़ोसी गांव नूरगंज के विद्यालय को चौसिंगा में विलय कर दिया गया है। हालांकि अभी तक दूसरे विद्यालय के विद्यार्थियों का पंजीकरण नहीं हुआ है।
प्रधानाध्यापक रामऔतार सिंह ने बताया कि जर्जर भवन से अफसरों को अवगत कराया गया। इसके बाद तीन- चार बार पत्र भी लिखे। बेसिक शिक्षा अधिकारी से लेकर खंड शिक्षा अधिकारी तक से उन्होंने वार्ता कर बच्चों की जान पर खतरे की चिंता व्यक्त की दी। हेडमास्टर ही नहीं, अभिभावकों को भी अपने बच्चों की जान पर खतरे का अंदेशा है। ग्रामीण नेत्रपाल ने बताया कि अफसरों को हकीकत पर गौर करना चाहिए।
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नौशेरा का पुराना भवन खस्ताहाल, नये की टपकती है छत
- उझानी ब्लॉक क्षेत्र के गांव नौशेरा में संविलियन विद्यालय से पहले उसी परिसर में प्राथमिक विद्यालय चलता था। पुराना भवन वर्ष 1960 में बना था, वह खस्ताहाल हो गया है। वर्ष 2009 में नया भवन तो बन गया, लेकिन बच्चे पुराने भवन में भी पढ़ाई करते हैं। खस्ताहाल इस भवन के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई भी चौसिंगा की तरह चल रही है, लेकिन नये भवन के दो- तीन कमरों की छतें बारिश के दौरान टपकने लगीं। विद्यालय में 253 बच्चे पंजीकृत हैं। प्रभारी प्रधानाध्यापक रजनीश शर्मा ने बताया कि संविलियन विद्यालय में आठ कक्षाएं लगती हैं। एक स्मार्ट क्लास और एक कक्ष हेडमास्टर का है। जर्जर भवन की ओर तारों की बैरिकेडिंग करवा दी गई है। फिर भी बच्चों के जर्जर भवन की ओर पहुंच जाने का खतरा बना रहता है।
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- प्राथमिक विद्यालय चौसिंगा की जर्जर हालत का मामला अफसरों के संज्ञान में है। इसके ध्वस्तीकरण के लिए कार्रवाई शुरू कर दी गई है। विद्यालय का बरामदा ठीक है। ध्वस्तीकरण के बाद धनराशि अवमुक्त होते ही नये भवन का निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा। - प्रशांत सिंह, खंड शिक्षाधिकारी
उझानी में चौसिंगा का जर्जर प्राथमिक विद्यालय। संवाद
उझानी में चौसिंगा का जर्जर प्राथमिक विद्यालय। संवाद