चर्चित कटरा सआदतगंज कांड में वादी पक्ष को गवाहों के बयानों की नकल नहीं मिलेगी। मामले में सुनवाई कर रहे स्पेशल जज पाक्सो एक्ट ने वादी पक्ष के वकील की इस संबंध में अर्जी को खारिज कर दिया है। मामले में प्रोटेस्ट और क्लोजर रिपोर्ट पर अंतिम सुनवाई 28 जून को होगी।
कटरा सआदतगंज में 27/28 मई 2014 की रात चचेरी-तहेरी बहनों के शव पेड़ पर लटके मिले थे। परिवार वालों ने गैंगरेप के बाद हत्या का आरोप लगाते हुए दो पुलिस कर्मियों और तीन सगे भाइयों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। इसकी जांच सीबीआई को सौंपी गई। 11 दिसंबर 2014 को सीबीआई ने जांच पूरी कर कोर्ट में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल कर दी। जांच एजेंसी ने क्लोजर रिपोर्ट में दावा किया कि लड़कियों ने खुदकुशी की थी। उनके साथ रेप नहीं हुआ था। वादी पक्ष ने क्लोजर रिपोर्ट के खिलाफ कोर्ट में प्रोटेस्ट दाखिल किया था।
क्लोजर रिपोर्ट पर सीबीआई अपने तर्क रख चुकी है। 11 जून को वादी पक्ष के वकील को प्रोटेस्ट के समर्थन में अपने तर्क रखने थे, लेकिन वादी पक्ष ने पाक्सो एक्ट की धारा 25 (2) के तहत कोर्ट में अर्जी देकर गवाहों के बयानों की नकल मांगी थी। कोर्ट ने इस पर शुक्रवार को सुनवाई के बाद अर्जी यह कहते हुए खारिज कर दी कि वादी पक्ष को गवाहों के बयान की नकल देने का प्रावधान नहीं है। स्पेशल जज पाक्सो एक्ट की अदालत में अब प्रोटेस्ट और क्लोजर रिपोर्ट पर आखिरी जिरह 28 जून को होगी। इधर गवाहों के बयानों की नकल देने संबंधी अर्जी खारिज किए जाने के फैसले को वादी पक्ष के वकील ज्ञान सिंह ने हाई कोर्ट में चुनौती देने की बात कही है।