बदायूं। सड़क दुर्घटना में घायल की मदद करने वाले को पांच हजार रुपये का पुरस्कार मिलेगा। यह बात डीएम अवनीश राय ने जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही। उन्होंने बताा कि दुर्घटना में घायलों को एक सप्ताह तक सरकारी व प्राइवेट अस्पतालों में डेढ़ लाख रुपये तक के कैशलेस इलाज की सुविधा भी शुरू की गई है। इसका शासनादेश जारी हो चुका है।
कलक्ट्रेट स्थित अटल बिहारी बाजपेयी सभागार में बृहस्पतिवार को बैठक की अध्यक्षता करते हुए डीएम ने सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मृत्यु में कमी लाने के निर्देश दिए। कहा कि आमजन को यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया जाए। दोपहिया वाहन चालक हेलमेट व चार पहिया वाले सीट बेल्ट अवश्य लगाएं। ओवर स्पीडिंग, ओवरलोडेड वाहनों की चेकिंग की जाए।
मोबाइल का उपयोग व शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। उन्होंने ब्लैक स्पाट पर प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए। डीएम ने फोर-ई (इंजीनियरिंग, एनफोर्समेंट, एजुकेशन व इमरजेंसी केयर) पर कार्य करने को कहा।
सड़क दुर्घटनाओं के तुलनात्मक आंकड़ों की समीक्षा करते हुए पाया कि मई 2024 व मई 2025 की तुलना में हादसे बढ़े हैं। डीएम ने जनपद के मुख्य मार्गों के किनारे की झाड़ियों और पेड़ों की छटाई कराने के निर्देश दिए। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का निर्देशित किया कि सड़क दुर्घटना में घायल को अस्पताल तक पहुंचाने वाले नेक व्यक्तियों को चिह्नित करके उसकी सूची मुहैया कराएं, जिससे उन्हें सम्मानित किया जा सके।
नशे में गाड़ी चलाते मिले सिर्फ 10 लोग
सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) अम्बरीश कुमार ने बताया कि एक जनवरी से 31 मई तक ओवरस्पीड पर 377, बिना हेलमेट के 1145, बिना सीट बेल्ट के 274, रॉन्ग साइड के 81, शराब के नशे में ड्राइविंग पर 10 वाहन चालकों पर कार्रवाई की गई। वाहन चलाते समय मोबाइल के प्रयोग 55, ओवरलोडिंग यात्री वाहन पर 85, ओवरलोडिंग माल वाहनों पर 110 के चालान किए गए हैं। इसके अतिरिक्त बिना लाइसेंस के वाहन चलाने पर 291, अंडर एज ड्राइविंग पर 03, वाहन पर रेट्रो रिफ्लेक्टिव टेप न होने पर 43, स्कूली वाहन मानकों के अनुरूप न पाए जाने पर 17, बिना फिटनेस वाहन के संचालन पर 290 के चालान किए गए हैं।