जिला अस्पताल मेें दवा लेने के लिए लगी लाइन। संवाद
बदायूं। जैसे-जैसे मौसम ने करवट बदली, वैसे-वैसे हड्डी और जोड़ों के दर्द से परेशान मरीजों की संख्या भी तेजी से बढ़ने लगी है। जिला अस्पताल में हड्डी रोग विशेषज्ञों के पास मरीजों की लाइन लंबी होने लगी है। मंगलवार को ही जिला अस्पताल की ओपीडी में 127 से अधिक मरीजों ने जोड़ों और मांसपेशियों में दर्द का उपचार कराया।
हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. रियाज ने बताया कि मौसम बदलने के साथ पुरानी चोटों और जोड़ों के दर्द की समस्या आम हो जाती है। जिन मरीजों को पहले सड़क हादसों, मारपीट या गिरने से चोट लगी होती है, उनमें अब फिर से दर्द उभरने लगता है। घुटनों में सूजन, पीठ और कंधे में जकड़न, मांसपेशियों में खिंचाव जैसे लक्षण सबसे ज़्यादा देखने को मिल रहे हैं।
डॉ. रियाज के अनुसार, इस मौसम में नसें संकुचित हो जाती हैं, जिससे रक्त संचार प्रभावित होता है। इससे शरीर में जकड़न और दर्द की समस्या बढ़ जाती है। उन्होंने बताया कि ऐसे मरीजों को सुबह उठते ही तुरंत चलने से बचना चाहिए। पहले 5-10 मिनट तक वार्मअप करें, हल्के व्यायाम या स्ट्रेचिंग से शरीर को गर्म करें। बिना डॉक्टर की सलाह के दर्द निवारक दवाओं का सेवन न करें, क्योंकि इससे लिवर और किडनी पर असर पड़ सकता है।
ऐसे करें राहत के उपाय
-बिस्तर पर लेटकर पैरों के नीचे तकिया रख लें और दिन में 8-10 बार उसे नीचे दबाने का अभ्यास करें।
-कुर्सी या पलंग पर बैठकर पैरों को 10-15 मिनट तक ऊपर-नीचे हिलाने की आदत डालें।
-बुजुर्ग और गठिया रोगी धूप निकलने के बाद ही बाहर निकलें, ठंडी जमीन पर बैठने या नंगे पैर चलने से बचें।
-नियमित रूप से योग और हल्की कसरत करें ताकि शरीर में रक्त संचार ठीक रहे।