इस्लामनगर (बदायूं)। क्षेत्र के मौसमपुर गांव में घर में अकेले रह रहीं रातरानी उर्फ ज्ञानदेवी (65) की बीती रात चारपाई पर सोते समय गला रेतकर हत्या कर दी गई। उनके पहने हुए जेवर गायब पाए गए। हापुड़ में बहादुरगढ़ चौकी के प्रभारी पद पर तैनात दरोगा बेटे मानवीर यादव ने गांव के ही रहने वाले हिस्ट्रीशीटर धीरेंद्र यादव के खिलाफ शक के आधार पर हत्या की रिपोर्ट लिखाई है।
रातरानी सोमवार रात मकान का मुख्य गेट बंद करके बरामदे में सोई थीं। माना जा रहा है कि देर रात बदमाश पड़ोस के अजयपाल के बंद घर की छत के सहारे उनके घर में घुसे। सोते समय ही किसी धारदार हथियार से गला रेतकर उनकी हत्या कर दी। इसके बाद कान के कुंडल, पाजेब, नाक की नथ व गले का लॉकेट लूटकर भाग निकले।
मंगलवार सुबह रातरानी नहीं दिखीं तो पड़ोस की दुलारो देवी उनके घर पहुंचीं। दरवाजा नहीं खुलने पर उन्होंने ग्रामीणों को बुलाया। अंदर से दरवाजा बंद देख ग्रामीण छत के रास्ते से घर में उतरे तो चारपाई पर रातरानी का खून से लथपथ शव पड़ा मिला। ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस को घर में किसी और स्थान पर लूटपाट व खंगालने के साक्ष्य नहीं मिले। सूचना मिलने पर मनवीर सिंह भी परिजनों के साथ घर आ गए। वह पत्नी और बच्चों के साथ हापुड़ में ही रहते हैं।
पुलिस ने छानबीन की तो शक के आधार पर हिस्ट्रीशीटर धीरेंद्र का नाम सामने आया। पुलिस उसके घर पहुंची तो ताला लगा पाया। वह, उसकी मां और बहन में से घर पर कोई नहीं मिला। एसएसपी डॉ. ब्रजेश सिंह, एसपी देहात केके सरोज ने घटनास्थल का जायजा लिया। फॉरेंसिक टीम ने भी साक्ष्य संकलित किए है।
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- दरोगा की मां की लूट के बाद हत्या की गई है। गांव के ही हिस्ट्रीशीटर पर हत्या का शक जताया गया है। हत्या के खुलासे के लिए पुलिस व एसओजी की चार टीमें लगाई गई हैं। हिस्ट्रीशीटर की तलाश कराई जा रही है। - डॉ. ब्रजेश सिंह, एसएसपी
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घर में चोरी करते वक्त रातरानी ने पकड़ा तो रंजिश पाल बैठा था हिस्ट्रीशीटर धीरेंद्र
बदायूं। मौसमपुर उर्फ मोहसनपुर में बुजुर्ग रातरानी की हत्या की वजह महज गेहूं चुराते हुए गांव के हिस्ट्रीशीटर धीरेंद्र को रंगे हाथों पकड़े जाने की रंजिश बताई गई है। इसी शक के आधार पर दरोगा बेटे की तहरीर पर पुलिस ने धीरेंद्र के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। पुलिस उसकी तलाश में संभावित स्थानों पर दबिशें दी है, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं लग सका है।
रातरानी का व्यवहार सभी से अच्छा था। इसी वजह से वह घर में बेखौफ अकेली रहती थी। वहीं, पड़ोस में रहने वाला धीरेंद्र शातिर किस्म का अपराधी है। वह गांव में चोरी की कई घटनाओं को अंजाम दे चुका है। उसके खिलाफ अन्य थानों में भी बाइक चोरी, छिनैती, चोरी व आपराधिक घटनाओं के दस से अधिक मुकदमे दर्ज है। पुलिस ने जुलाई माह में उसे शस्त्र अधिनियम के तहत गिरफ्तार जेल भेजा था। वह 13 दिन पहले ही जमानत पर छूटकर जेल से बाहर आया था।
बेटे मनवीर सिंह ने पुलिस को बताया कि करीब छह महीने पर उनके घर में धीरेंद्र घुस आया था। उस दौरान मां किसी काम से घर से बाहर गई थीं। लौटने पर जब घर के अंदर पहुंचीं तो धीरेंद्र गेहूं की चोरी कर रहा था। शोर मचाने पर पड़ोस के लोग आ गए। उन्होंने धीरेंद्र को दबोच लिया था। तब धीरेंद्र ने गलती बताते हुए उसके लिए माफी मांग ली थी। इस वजह से उसके खिलाफ पुलिस से शिकायत नहीं की गई। लेकिन धीरेंद्र उनकी मां से रंजिश मानने लगा था। पुलिस अन्य बिंदुओं पर भी तफ्तीश कर रही है। पुलिस की जांच में यह तो साफ हो गया है कि रातरानी के जेवर भी लूटे गए हैं, धीरेंद्र भी रंजिश का बदला लेने के साथ ऐसा कर सकता है।