बदायूं। जेल के निर्माण की राह अब 11 साल बाद आसान हुई है। किसानों से विवाद निपट गया है। अब शत्रु संपत्ति का मामला भी अब सरकार के फैसले के बाद आसान हो गया है। नई जेल बनने के बाद शहर के बीच में बनी अंग्रेजों के शासन काल की जेल शहर से बाहर शिफ्ट कर दी जाएगी।
शहर के बीच में बनी 118 साल पुरानी जिला जेल का भवन जर्जर हो गया है। इसलिए शहर से बाहर 11 साल पहले नई जेल बनाने की प्रक्रिया शुरू हुई। इसके लिए बहेड़ी गांव के पास 31 एकड़ जमीन चिह्नित की गई। उसके लिए किसानों से जमीन ली गई। इसी दौरान 14 किसानों ने जमीन अधिग्रहण के खिलाफ कोर्ट में वाद दायर कर दिया। जेल के लिए प्रस्तावित जमीन में कुछ हिस्सा शत्रु संपत्ति का है, वह भी निर्माण में बाधक बना। अब किसानों से मामला पूरी तरह से निपट चुका है। किसी भी किसान को कोई आपत्ति नहीं रह गई है।
शत्रु संपत्ति का भी निपट जाएगा मामला
जेल के लिए जो जमीन ली गई, उसमें करीब 4.5 एकड़ जमीन शत्रु संपत्ति है। एडीएम अरुण कुमार ने बताया कि जल्द ही इसका निस्तारित कराया जाएगा। इसको लेकर शासन से भी पत्राचार किया गया है। शासन से निर्देश मिलते ही मामले का निस्तारण करा दिया जाएगा। इसके बाद ही जेल का निर्माण शुरू हो सकेगा।
कोट,
- किसानों से मामला पूरी तरह से निपट चुका है। कुछ दिनों में शत्रु संपत्ति का भी निस्तारण हो जाएगा। उम्मीद है कि जल्द ही निर्माण की अनुमति मिल जाएगी। - राजेंद्र कुमार, जेल अधीक्षक