बदायूं। अपर जिला जज व विशेष न्यायाधीश (पाॅक्सो एक्ट) दिनेश तिवारी ने किशोरी के साथ दुष्कर्म करने के आरोपी को दोषी करार देते हुए उसे दस साल कैद की सजा सुनाई है। इसके साथ ही 40 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। जुर्माने की धनराशि पीड़िता को क्षतिपूर्ति रूप में देने का आदेश भी दिया है।
बिल्सी कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में रहने वाली महिला ने 22 जून 2022 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बताया था कि उसके पति बैंगलुरू में मजदूरी करते हैं। वह घर पर नहीं थी। 13 जून 2022 की शाम पांच बजे उसकी 12 साल की बेटी मक्का के खेत में घास छीलने गई थी। गांव के ही संदीप ने उसकी बेटी को पकड़ लिया और खेत में दुष्कर्म किया।
काफी समय बाद वह घर नहीं लौटी तो उसकी तलाश शुरू की। लड़की खेत में बदहवास हालत में मिली। जानकारी लेने पर लड़की ने पूरी घटना बताई। लोकलाज से बचने के लिए उन्होंने इसकी सूचना किसी को नहीं दी।
इसके बाद किशोरी के साथ दुष्कर्म करने वाला ताना मारने लगा। यह सुन वह बेटी को लेकर 22 जून को बिल्सी थाने पहुंची। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। विवेचक ने घटना से संबंधित सभी साक्ष्य संकलित करते हुए चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी। तब से मामला कोर्ट में चल रहा था। मंगलवार को न्यायाधीश ने पत्रावली पर साक्ष्यों का अवलोकन किया। अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद संदीप पुत्र तेज सिंह को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है।
किशोरी से छेड़खानी के दोषी को तीन साल की कैद
- नौ हजार रुपये का लगाया जुर्माना, धनराशि पीड़िता को देने का आदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं। अपर जिला जज व विशेष न्यायाधीश (पाॅक्सो एक्ट कक्ष संख्या-दो) के नीरज कुमार गर्ग ने किशोरी से घर में घुसकर छेड़खानी करने के आरोपी को दोषी करार दिया है। दोषी को तीन साल कैद की सजा सुनाई है। इसके साथ ही दोषी पर नौ हजार रुपये जुर्माना लगाया है। जुर्माने की धनराशि पीड़िता को क्षतिपूर्ति के रूप में देने का आदेश दिया है।
कुंवरगांव थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली महिला ने 22 अक्तूबर 2018 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बताया था कि शाम बजे उसकी बेटी घर पर अकेली थी। तभी गांव का ही वैभव उसके घर आया और लड़की से छेड़खानी करने लगा। शोर मचाने के बाद जान से मारने की धमकी देकर भाग गया।
बेटी की तहरीर पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। घटना से संबंधित साक्ष्य संकलित करते हुए विवेचक ने चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी। तब से मामला कोर्ट में चल रहा था। मंगलवार को न्यायाधीश ने पत्रावली पर साक्ष्यों का अवलोकन किया। अधिवक्ता की दलीलाें को सुनने के बाद आरोपी वैभव को दोषी मानते हुए सजा सुनाई है।