बसपा से निष्कासित पूर्व विधायक ने आयोजित किया सागर सद्भावना सम्मेलन
15 मई के बाद रणनीति बनाने का किया एलान, सम्मेलन में जुटी भीड़
बहुजन समाज पार्टी से निष्कासित पूर्व विधायक योगेंद्र सागर ने सागर सदभावना सम्मेलन में कहा कि मुझे पार्टी से निकाला नहीं गया है, चंद दलालों ने चंद पैसों के लालच में कुशाग्र सागर का टिकट कटवाकर पार्टी का बहुत बड़ा नुकसान किया है। वह आगामी 15 मई तक कोई कदम नहीं उठाएंगे, इसके बाद रणनीति बनाई जाएगी।
बुधवार को नगर पालिका के सामने वाले खचाखच भरे मैदान में हुए सम्मेलन में सागर ने कहा कि पांच साल तक जनता से दूर रहने वाले को ये जानना चाहिए कि 2012 के चुनाव में इसी विधानसभा से उनकी पत्नी प्रीती सागर पूरे प्रदेश में समाजवादी पार्टी की लहर के बावजूद भी पचास हजार के लगभग वोट पाकर दूसरे स्थान पर रहीं। भाजपा से तीसरे स्थान पर रहने वाले को टिकट देकर पार्टी का बड़ा नुकसान किया गया है। उनकी आत्मा व इच्छा बसपा में रहकर जनता की सेवा करने की है, लेकिन चंद दलालों की वजह से उन्हें पार्टी से निकाला गया है। इस जिले और मंडल के नेताओं ने बसपा सुप्रीमो को गलत सूचना दी कि योगेंद्र सागर या उनके बेटे कुशाग्र की कोई लोकप्रियता नहीं है, इसीलिए उनको यह सम्मेलन करना पड़ा।
इस मौके पर कुशाग्र सागर ने कहा कि वह अपने पिता की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाना चाहते हैं। दलालों ने उनका टिकट कटवाया, तो सबसे ज्यादा चिंता अपने पिता के टूटने की थी, लेकिन उन्होंने अपने साथ साथ मेरा भी हौसला बढ़ाया। सम्मेलन में आरएन जौहर, शशि प्रकाश पाल, श्याम सिंह सागर, जंग सिंह सागर, श्याम सिंह पाल, राजाराम भारती, देवेंद्र पाठक, हर्षपाल सिंह,भगवान सिंह आर्य, नैन सिंह सागर, राजाराम बौद्ध, सत्यवीर गौतम, अनौखे लाल सक्सेना, राजाराम भारती, अब्दुल हसन लालू एडवोकेट,जमाउल नवी खां, चौधरी ब्रहमचारी सिंह, अजेंद्र सिंह, गगन शर्मा, श्यामवीर मौर्या, सत्यप्रकाश पाठक, रूम सिंह, मो. जकी, विजय सागर, उदयवीर, आशाराम, चुन्नू सैफी, हबीव सेठ, शांति स्वरूप सक्सेना, भगवान दास मौर्या,चंद्रेश पाठक, हाफिज कमरूद्दीन, जकी खां, केपी सिंह यादव, मटरू सिंह, लल्लू सिंह मौजूद रहे।
बेटा और पत्नी उतरेंगे चुनाव मैदान में
बिसौली। योगेंद्र सागर ने सभी को एक घोषणा कर चौंका दिया कि बिसौली विधानसभा से उनका बेटा चुनाव लड़ेगा तो बगल की बिल्सी विधानसभा से पत्नी उम्मीदवार होंगी। पत्नी की अनारक्षित सीट से चुनाव लड़ने की घोषणा को सुनकर मीडिया के लोग व सागर समर्थक भी चौंक गए। पूर्व विधायक के कहने पर तमाम लोगों ने बसपा की सदस्यता छोड़ने की भी घोषणा की।