शासन के तमाम दिशानिर्देशों को दरकिनार करते हुए स्कूलों में बच्चों की जान से खिलवाड़ किया जा रहा है। बच्चों को लाने ले जाने के लिए लगाए गए रिक्शा चालकों को परिवहन विभाग के अधिकारियों और पुलिस का डर नहीं है। इन पर 10 से 15 बच्चों को बैठाया जाता है।
स्कूल, कॉलेजों में खटारा और डग्गामार बसों के साथ एलपीजी के वाहनों के संचालन पर रोक लगाने के बाद शासन ने खुले रिक्शों के दोनों ओर पटलियां लटकाकर चलने वाले रिक्शों पर भी विगत वर्ष प्रतिबंध लगा दिया था। इनकी जगह ढके हुए रिक्शों को संचालित करने के आदेश दिए गए, लेकिन इस पर विभागीय अधिकारियों, अभिभावकों और स्कूल, कॉलेजों के प्रबंधनों द्वारा ध्यान न देने से अमल नहीं हो सका।