अलापुर। पुत्रेष्ठि यज्ञ के पश्चात राजा दशरथ की तीन रानियों ने चार पुत्रों को जन्म दिया। भगवान श्रीराम उनमें से एक हैं। उन्हीं की लीलाओं को लेकर रामलीला के प्रति लोग आकर्षित हो रहे हैं। यहां रामजन्म के साथ उनकी लीलाओं का मंचन हुआ। पार्श्व से चौपाई गूंजती है- भए प्रकट कृपाला दीन दयाला कौशल्या हितकारी...जिसे दर्शकों ने काफी पसंद किया।
रामलीला के मंचन में श्रीराम की लीलाओं के माध्यम से दिखाया गया कि धरती पर असुरों के अत्याचार बढ़ गए हैं। इसके बाद देवता और ऋषि भगवान विष्णु से अवतरण के लिए प्रार्थना करते हैं। भगवान विष्णु राजा दशरथ के पुत्र के रूप में जन्म लेते हैं।
चैत्र शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को भगवान राम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न का जन्म होता है। पूरी अयोध्या में हर्षोल्लास है। नाच-गाना होता है। राजदरबार से लोगों को रत्न और आभूषणों का दान दिया जाता है। प्रजा भी काफी उल्लास मनाती है और जय-जयकार करती है। रामलीला के इस मंचन पर दर्शक भी आनंद विभोर हो उठते हैं।
गणेश वंदना के साथ खंडुआ में रामलीला शुरू
उघैती। क्षेत्र के गांव खंडुवा में 38वें रामलीला नाट्य मंचन का शुभारंभ प्रभारी निरीक्षक अवधेश कुमार ने फीता काटकर किया। इस मौके पर गणेश वंदना भी हुई।
रामलीला नाट्य मंचन के साथ देव उत्थान मेला का आयोजन भी शुरू हो जाएगा। रामलीला नाट्य मंचन में नारद मोह लीला हुई। इससे पूर्व प्रभु श्रीराम का जन्म होते ही पंडाल जयकारों से गूंज उठा। गणेश वंदना के बाद सभी ने प्रभु श्री राम की झांकी की आरती उतारी। इस मौके पर आदर्श क्लब के अध्यक्ष करतार सिंह यादव, प्रबंधक राजेंद्र प्रसाद उपाध्याय, योगेश शर्मा, पुष्पेंद्र शर्मा, नितिन गुप्ता, अनुज जौहरी, सचिन उपाध्याय आदि मौजूद रहे। संवाद
बिसौली में रामलीला महोत्सव का उद्घाटन आज
बदायूं। कृषि प्रदर्शनी के मैदान में 25 अक्तूबर को रात्रि आठ बजे से श्रीराम लीला महोत्सव का शुभारंभ होगा। उद्घाटन भाजपा जिलाध्यक्ष राजीव गुप्ता करेंगे। आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि रामलीला महोत्सव में धार्मिक व सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आकर्षण का केंद्र रहेंगी।
महोत्सव के साथ लगने वाले मेले में बच्चों के मनोरंजन के साधन झूले आदि और विभिन्न प्रकार के खानपान के स्टॉल लगाए जा रहे हैं। मेले में सुरक्षा एवं व्यवस्था को लेकर समिति ने विशेष प्रबंध किए हैं। स्थानीय कलाकारों द्वारा धार्मिक झांकियां भी प्रस्तुत की जाएंगी। संवाद