बदायूं। जिला व महिला अस्पताल में दो महिलाओं ने अपने दम पर परिवारों को संभाला हुआ है। दोनों महिलाओं ने परिवार का खर्चा चलाने के लिए पहले घर-घर टिफिन पहुंचाए। फिर स्वयं सहायता समूह से जुड़ गईं। समूह के माध्यम से शासन की योजनाओं का लाभ उठाए हुए अब ये दोनों महिलाएं जिला और महिला अस्पताल में कैंटीन चला रही हैं। इससे मरीजों को ताजा और पौष्टिक आहार मिल पा रहा है।
समूह सखी कैंटीन से दें रहीं अन्य महिलाओं को रोजगार
शहर के नेकपुर मोहल्ले में रहने वाली सुमन ने खुद काराेबार संभाला तो परिवार के चेहरे पर रौनक आ गई। बताया कि सबसे पहले उन्होंने घर पर ही खाना बनाकर घरों व ऑफिसों में टिफिन पहुंचाने का काम शुरू किया। 2021 में वह सखी समूह सहायता केंद्र की सदस्य बनीं। समूह से उन्होंने कर्ज लेकर टिफिन के कारोबार को आगे बढ़ाया।
इसके बाद शासन की ओर से उन्हें जिला अस्पताल में समूह सखी कैंटीन खोलने का अवसर मिला। तब उन्होंने समूह की अन्य महिलाओं को रोजगार देने का काम किया। अब वह जिला अस्पताल के मरीजों व तीमारदारों को कैंटीन से नाश्ता व भोजन आदि खिलाकर सशक्त महिला बन चुकी हैं।
पति ने दिया साथ तो बन गईं कारोबारी
पति ने साथ दिया तो गुड्डी अब कारोबारी महिला बन चुकी हैं। पहले वह घर पर ही खाना बनाकर घरों में टिफिन पहुंचाने का काम किया करती थीं। 2015 में उन्होंने स्वयं सहायता समूह में सदस्य के रूप में काम किया। गुड्डी देवी ने बताया कि पति ने उनका हमेशा साथ दिया। आज उन्होंने अपने दम पर दो बेटों को पढ़ा-लिखाकर अपने पैरों पर खड़ा किया हुआ है। दोनों बेटे अपना रोजगार कर रहे हैं। वह मौजूदा समय में महिला अस्पताल में कैंटीन चलाकर यहां आने वाली प्रसूताओं व तीमारदारों को पौष्टिक भोजन खिला रहीं हैं।
गुड्डी देवी।
गुड्डी देवी।