बदायूं। वजीरगंज विकास क्षेत्र के गांव बगरैन में 154 बीघा सरकारी तालाब है। इसी के पास 14 किसानों की 96 बीघा जमीन भी तालाब में तब्दील हो गई थी। अब सरकारी तालाब के साथ ही किसानों के 96 बीघा तालाब पर भी भूमफिया का कब्जा है। कई बार भूख हड़ताल हुई। धरना प्रदर्शन हुए, लेकिन किसानों को न्याय नहीं मिल सका। खास बात यह भी है कि दस साल में आजतक प्रशासन इस मामले में जांच पूरी नहीं कर सका है। किसान अपने हिस्से का तालाब वापस मांग रहे हैं.
बगरैन ग्राम सभा 154 बीघा पर ग्राम सभा का तालाब है। इसके पास 96 बीघा में एक तालाब और है, लेकिन यह 36 किसानों का है। तालाब की मेड़बंदी 2016 में कट गई। इसके बाद तालाब किसानों के तालाब से मिल गया। 2016 फरवरी में राजस्व विभाग ने नौ लोगों को 154 बीघा तालाब का पट्टा कर दिया।
आरोप है कि इन नौ लोगों ने 250 बीघा तालाब पर कब्जा कर मछली पालन करना शुरू कर दिया है। किसान नेताओं का कहना है कि माफिया ने एक समिति बनाकर इसे चिट फंड कंपनी में पंजीकृत कराया। इसी आधार पर पट्टा कर दिया गया, जबकि मत्स्य विभाग में चिट एंड फंड कंपनी द्वारा पंजीकृत समिति पट्टे के लिए मान्य ही नहीं है। ऐसे में पट्टे पर भी सवाल उठ रहे हैं। 2016 से ही किसान अपने हिस्से का तालाब मांग रहे हैं। किसानों का कहना है कि तालाब की मेड़बंदी की जाए।
रोजी-रोटी की तलाश में 36 में से 30 किसान छोड़कर जा चुके गांव
किसान यूनियन के मंडलीय प्रवक्ता राजेश सक्सेना ने बताया कि 36 किसानों में से 30 परिवार गांव छोड़ गए हैं। वे लोग पंजाब, हिमाचल, दिल्ली आदि प्रदेशों में मजदूरी कर रहे हैं। पहले यह लोग तालाब में मछली पालन कर गुजर-बसर करते थे। तालाब जाने के बाद जब रोजी-रोटी का कोई सहारा नहीं रहा तो ये लोग काम की तलाश में दूसरी जगह चले गए। इन लोगों ने अधिकारियों से कई बार गुहार लगाई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
रामबाबू ने दी थी आत्मदाह की धमकी, फिर भी नहीं हो सकी पैमाइश
बगरैन के किसान रामबाबू का भी 96 बीघा में आठ बीघा तालाब है। वह लगातार शिकायतें कर रहे हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही। इस पर उन्होंने दो फरवरी को आत्मदाह करने की भी चेतावनी दी थी। तब अधिकारियों ने उन्हें जल्द कार्रवाई का आश्वासन देकर मना लिया था। इसके बाद डीएम की तरफ से एक कमेटी गठित की गई थी। इसमें सिटी मजिस्ट्रेट के अलावा एसडीएम बिसौली, तहसीलदार बिसौली, सीओ चकबंदी समेत करीब 12 लोग शामिल हैं, लेकिन अबतक तालाब की पैमाइश नहीं हो सकी है।
बगरैन मामले में चकबंदी विभाग द्वारा जांच की जा रही है। जांच के बाद जो रिपोर्ट आएगी, उसी के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। - राशि कृष्ण, एसडीएम बिसौली