कछला से जलाभिषेक को निकली कांवड़ियों की टोली। संवाद
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उझानी/ कछला। पहले सोमवार को जलाभिषेक के बाद कांवड़ियों की टोलियों के शिव मंदिरों की ओर निकलने का सिलसिला मंगलवार को भी बना रहा। शिवभक्तों ने कछला घाट पर गंगा स्नान कर कांवड़ यात्रा शुरू की। मंगलवार को कांवड़ियों की टोलियों की संख्या कम रही। शुक्रवार से कांवड़ यात्रा फिर रफ्तार पकड़ लेगी।
सावन के पूरे महीने चलने वाली कांवड़ यात्रा का पहला पड़ाव सोमवार को शिव मंदिरों में जलाभिषेक के साथ पूरा हो गया। जलाभिषेक का अगला पड़ाव 21 और 28 जुलाई तो आखिरी पड़ाव चार अगस्त को है। आने वाले तीनों सोमवार को जलाभिषेक करने की तैयारियों में जुटे शिवभक्त अपनी-अपनी सुविधा के अनुरूप कांवड़ यात्रा शुरू करेंगे। अहीरटोला मोहल्ला निवासी धर्मपाल ने बताया कि उनकी टोली लखीमपुर खीरी जिले के गोला गोकर्णनाथ मंदिर में जलाभिषेक करने के लिए बुधवार शाम से कांवड़ यात्रा शुरू करेगी।
बता दें कि कछला गंगाघाट से कांवड़ यात्रा शुरू करने वाले कांवड़िये छोटी काशी के रूप में विख्यात गोला गोकर्णनाथ, शाहजहांपुर जिले के पटना देवकली, बरेली में आंवला के पास गौरी शंकर मंदिर के अलावा बदायूं जिले के मंदिरों में भी जलाभिषेक करते हैं।
इस बीच, मंगलवार को घाट से कांवड़ यात्रा का सिलसिला तो बरकरार रहा, लेकिन कांवड़ियों की टोलियों की संख्या काफी कम रही। भोले के जयकारों से गुलजार बरेली- मथुरा हाईवे पर रास्ते में लोगों ने कांवड़ियों का हौसला भी बढ़ाया।
शिवभक्तों ने बुक किए डीजे और कलाकार
सावन महीने के दूसरे, तीसरे और चौथे सोमवार को शिव मंदिरों में जलाभिषेक करने के लिए टोली के साथ जाने के लिए डीजे साउंड सिस्टम और कलाकारों की बुकिंग शुरू हो गई है। देवेंद्र ने बताया कि बुकिंग दो दिन के हिसाब से की जा रही है। इसके लिए प्रत्येक कलाकार को प्रतिदिन एक हजार रुपये मेहनताना और भोजन मुहैया कराया जाएगा। छोटे डीजे पांच हजार रुपये और डीजल के हिसाब से बुक किए जा रहे हैं। बता दें कि बुलंदशहर, मेरठ और बहजोई से एक लाख रुपये तक खर्च कर बड़े डीजे साउंड सिस्टम बुक करके मंगाए गए हैं।