बदायूं। नीलकंठ महादेव बनाम जामा मस्जिद मामले की सुनवाई मंगलवार 25 नवंबर को होगी। सोमवार को होने वाली सुनवाई को टालते हुए कोर्ट ने इस मामले में अगली तारीख दे दी है।
नीलकंठ महादेव बनाम जामा मस्जिद मामला सिविल जज सीनियर डिवीजन सुमन तिवारी की कोर्ट में चल रहा था। 17 जुलाई को न्यायाधीश के अवकाश पर होने से सुनवाई नहीं हो सकी। इसके बाद इस मामले की सुनवाई के लिए 24 जुलाई लगाई गई। 24 जुलाई को कोर्ट पहुंचे वादी पक्ष के अधिवक्ताओं को जानकारी हुई कि इस कोर्ट की न्यायाधीश सुमन तिवारी लंबे अवकाश पर हैं।
जानकारी पर जिला जज ने सिविल जज सीनियर डिवीजन फास्ट ट्रैक कोर्ट पुष्पेंद्र चौधरी की अदालत में यह मामला ट्रांसफर कर दिया। कोर्ट पहुंचने वादी व अधिवक्ताओं को मामले की अगली सुनवाई के लिए 30 अगस्त की तारीख दी। इसके बाद कोर्ट ने सुनवाई के लिए अगली तारीख 27 अक्तूबर लगा दी।
सोमवार 27 अक्तूबर को दोनों पक्षों के अधिवक्ता जब पहुंचे तो कोर्ट ने मामले की सुनवाई 25 नवंबर को करने को कहा। इसके बाद वादी पक्ष व इंतजामिया पक्ष के अधिवक्ता ट आए। विदित हो कि अखिल भारत हिंदू महासभा के प्रदेश अध्यक्ष मुकेश पटेल ने 2022 में दावा किया था कि जामा मस्जिद की जगह पर पहले नीलकंठ महादेव मंदिर था। मस्जिद इंतजामिया कमेटी ने इस दावे को खारिज करते हुए मंदिर के अस्तित्व से इंकार किया है।