बदायूं। बिसौली इलाके में सक्रिय हवाला के धंधेबाजों का सबसे बड़ा हथियार फर्जी नाम पते पर एक्टिवेट सिम हैं। उन्हीं के जरिये फर्जी कॉल कर लोगों को ठगी का शिकार बनाते हैं। दो दिन पहले एटीएस ने छापा मारकर ऐसे दो दुकानदारों को पकड़ा है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इससे हवाला के धंधेबाज भी पकड़ में आ सकते हैं।
शुक्रवार को एटीएस (एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड) ने ओरछी चौराहे पर छापा मारा था। यहां से मोबाइल सिम बेचने वाले दो दुकानदार पकड़े गए। बताया जा रहा है कि किसी मामले में एटीएस को सुराग मिला था कि जिस सिम से कॉल की गई थी, वह सिम कार्ड ओरछी चौराहे से ही बेचे गए थे। इसमें कॉल किसे तथा किस मामले में की गई थी, अभी इसका खुलासा नहीं हुआ है लेकिन चर्चा हैं कि पड़ोसी मुल्क में किसी को फोन किया गया था। इससे एटीएस भी लगातार ताबड़तोड़ छापा मार रही थी। शुक्रवार शाम टीम को सफलता मिली और दो दुकानदार पकड़े गए।
दूसरे दिन संग्रामपुर गांव में बिहार प्रांत की पुलिस दबिश देने आई। यहां बताया गया कि दिलशाद नाम का व्यक्ति बिहार में नामजद है। उसके खिलाफ धोखाधड़ी, ठगी के आरोप में एफआईआर दर्ज है। संग्रामपुर का दिलशाद ही नहीं, आसपास के गांव लक्ष्मीपुर, दबतोरी, दबतोरा और पवथरा समेत कई गांव में हवाला के धंधेबाज रहते हैं। लोगों को फर्जी कॉलकर ठगी करना ही इनका काम है। इलाके में सक्रिय हवाला के धंधेबाज मुख्य रूप से फर्जी एकाउंट खुलवाते हैं। फर्जी नाम पते पर सिम एक्टिवेट कराते हैं। इन्हीं के जरिये वह अपना धंधा चला रहे हैं। बिसौली इलाके में फर्जी एकाउंट पहले ही पकड़े जा चुके हैं लेकिन अब फर्जी नाम पते पर सिम एक्टिवेट करने वाले धरे गए हैं। टीम उनसे लगातार पूछताछ कर रही है। अनुमान है कि उनके जरिये कोई बड़ा खुलासा होगा।
सीबीआई की नजर में हैं गांव
बिसौली इलाके के गांव सीबीआई की नजर में हैं। इसके अलावा ऐसी कोई जांच एजेंसी नहीं बची है, जिसने यहां छापा नहीं मारा हो। सीबीआई से लेकर एसटीएफ, एटीएस, साइबर क्राइम ब्रांच आगरा, पंजाब पुलिस, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश समेत कई प्रदेशों की पुलिस यहां दबिश दे चुकी है।
कई देशों के लोगों से हैं संबंध
बिसौली इलाके में सक्रिय हवाला के धंधेबाजों के संबंध सिर्फ पाकिस्तान से ही नहीं बल्कि, बल्कि नाइजीरिया, कजाकिस्तान से भी संबंध हैं। इनके अलावा अन्य देशों के लोग भी इन इलाकों में आ चुके हैं। यहां रहकर भी गए हैं।
चंदौसी समेत ओरछी में चलता है प्री एक्टिवेट सिम बेचने का धंधा
चंदौसी तथा उससे सटे बदायूं जिले की सीमा में शामिल ओरछी में प्री एक्टिवेट सिम बेचने का धंधा काफी पुराना है। चूंकि ओरछी की सीमा चंदौसी से सटी है इसलिए यहां भी धंधा जोर पकड़ गया है। बताया जाता है कि धंधेबाज भोले भाले या ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों के आधार कार्ड से दो नंबर लिंक करा लेते हैं। धोखाधड़ी करके इस तरह लिंक कराए गए नंबर में से एक तो उपभोक्ता को दे दिया जाता है बल्कि दूसरा प्री एक्टिवेट सिम कई गुना पैसों में बेच दिया जाता है। जब किसी गलत धंधे में यह सिम प्रयोग किए जाते हैं तो वहीं व्यक्ति फंसता है जिसकी आईडी से सिम जारी होता है। ऐसे में असली गुनाहगार को पकड़ने में भी सिरदर्दी बढ़ जाती है।