फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

रफ्तार का कहर : ब्रेकर से 10 फीट उछलकर यूनिपोल के खंभे से टकराई कार

विज्ञापन
हादसास्थल पर क्षतिग्रस्त कार का निरीक्षण करते इंस्पेक्टर मनोज कुमार। संवाद
विज्ञापन
बदायूं। जन्मदिन की पार्टी से घर लौट रहे चार दोस्तों में से तीन की सड़क हादसे में असमय जान चली गई। इसकी मुख्य वजह हाईवे का ब्रेकर और कार की तेज रफ्तार बनी है। हादसे के दौरान कार की रफ्तार का अनुमान 120 से किमी प्रतिघंटा से अधिक लगाया जा रहा है। इससे कार ब्रेकर से उछलते ही 10 फीट की ऊंचाई पर यूनिपोल से टकराकर विपरीत दिशा में घूम गई। कार की टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि यूनिपोल की नींव भी उखड़ गई। पुलिस भी हादसे की मुख्य वजह ब्रेकर व कार की तेज रफ्तार मान रही है।
विज्ञापन


सदर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला कल्याण नगर निवासी लेखपाल हर्षित सक्सेना (25) का जन्मदिन होने के कारण चारों दोस्त सोमवार शाम घर से निकले थे। पुलिस की जांच में पता चला है कि कार अंकित कर्णधार चला रहे थे। ड्राइविंग सीट के बगल में हर्षित सक्सेना बैठे थे। पीछे की सीट पर हर्षित गुप्ता व रूबल बैठे थे। चारों दोस्तों ने वजीरगंज क्षेत्र के एक होटल पर खाना खाया था। फिर वह बरेली-मथुरा हाईवे के बाइपास होते हुए उझानी रोड मेडिकल कॉलेज तिराहे की तरफ जा रहे थे। अंकित ने एआरटीओ चौराहे को पार किया। इस दौरान रफ्तार इतनी तेज थी कि हाईवे पर बने आधे फीट के ब्रेकर पर कार हवा में उछली कि चालक संतुलन खो बैठा। तेज रफ्तार के कारण कार उछलकर 10 फीट की ऊंचाई से यूनिपोल से टकरा गई। जबरदस्त टक्कर में कार के परखच्चे उड़ गए। चारों दोस्त क्षतिग्रस्त कार के अंदर फंस गए। पुलिस को रात 1:40 पर सूचना मिली। सूचना मिलने पर जब पुलिस मौके पर पहुंची तो सभी दोस्त खून से लथपथ हालत में कार में थे। सिविल लाइंस इंस्पेक्टर मनोज कुमार ने बताया कि हादसे के समय कार की रफ्तार 120 किमी प्रति घंटा से भी अधिक रहेगी। इससे ब्रेकर पर कार आते ही भीषण हादसा हो गया।

एयरबैग खुलने से बची अंकित की जान
पुलिस ने बताया कि अंकित सील बेल्ट पहनकर कार चला रहे थे। जैसे ही हादसा हुआ तो ड्राइवर साइड का एयरबैग खुल गया। इससे अंकित के सिर किसी से टकराने से बच गया। हालांकि अंकित गंभीर रूप से घायल है। वहीं, हर्षित सक्सेना ने सीट बेल्ट नहीं लगाई थी। इस वजह से उनकी साइड का एयरबैग नहीं खुला।
विज्ञापन


दो भाइयों में बड़े थे रूबल
दहेमी गांव निवासी रूबल पुत्र ब्रजेश दो भाइयों में बड़े थे। वह कल्याण नगर निवासी ताऊ यशपाल सिंह के घर रहते थे। उन्होंने अभी आईटीआई में दाखिल दिया था। वैसे वह परिवार के साथ खेती में हाथ बंटाते थे। उनकी मौत से गांव में शोक की लहर है। शव गांव पहुंचते ही चीख पुकार मच गई।

चार भाई- बहनों में बड़े थे हर्षित
शहर के मालगोदाम रोड निवासी हर्षित गुप्ता दो भाई व दो बहनों में बड़े थे। हर्षित की मौत से मां संगीता व पिता मनोरंजन लाल बेसुध हो गए है। उनके भाई अर्चित गुप्ता ने बताया कि भाई ग्रेजुएशन कर चुके थे।


रक्षाबंधन पर छुट्टी लेकर घर आए थे लेखपाल
मोहल्ला कल्याण नगर निवासी हर्षित सक्सेना उर्फ राजा (23) पुत्र मुन्ना बाबू सक्सेना संभल के गुन्नौर में लेखपाल के पद पर तैनात थे। वह रक्षाबंधन पर छुट्टी लेकर घर लौटे थे। इस बीच उनका जन्मदिन भी था। जन्मदिन के कारण सोमवार को रुक गए। उन्हें मंगलवार को गुन्नौर जाना था। वह दो भाइयों में बड़े थे। उनकी मौत से छोटे भाई आयुष सक्सेना व मां मधुर सक्सेना का रो-रोकर बुरा हाल है।

हादसास्थल पर क्षतिग्रस्त कार का निरीक्षण करते इंस्पेक्टर मनोज कुमार। संवाद

हादसास्थल पर क्षतिग्रस्त कार का निरीक्षण करते इंस्पेक्टर मनोज कुमार। संवाद

हादसास्थल पर क्षतिग्रस्त कार का निरीक्षण करते इंस्पेक्टर मनोज कुमार। संवाद

हादसास्थल पर क्षतिग्रस्त कार का निरीक्षण करते इंस्पेक्टर मनोज कुमार। संवाद

हादसास्थल पर क्षतिग्रस्त कार का निरीक्षण करते इंस्पेक्टर मनोज कुमार। संवाद

हादसास्थल पर क्षतिग्रस्त कार का निरीक्षण करते इंस्पेक्टर मनोज कुमार। संवाद

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें