बदायूं। एचपीसीएल प्लांट में दो अफसरों की हत्यारोपी अजय प्रताप सिहं की पत्नी और भाभी को पीएम आवास ग्रामीण योजना का लाभ दिए जाने की मामले की जांच की जाएगी। इसके लिए जिला स्तरीय टीम की गठित की गई है। जांच के बाद आरोपी के परिजनों से रुपयों की रिकवरी के साथ इस मामले में दोषी जिम्मेदारों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।
हत्यारोपी ने वित्तीय वर्ष 2022-23 में अपनी भाभी रेनू पत्नी केशव के नाम पर पीएम आवास ग्रामीण योजना के तहत आवास लिया था। भाभी को लाभ मिल जाने के बाद वित्तीय वर्ष 2023-24 में हत्यारोपी ने अपनी पत्नी अर्चना के नाम पर भी योजना के तहत आवास का लाभ ले लिया था। एचपीसीएल के अधिकारियों की हत्या के मामले के बाद जब प्रशासन सख्त हुआ तो यह घपला मामला सामने आया। इसको देखते हुए डीएम के आदेश पर सीडीओ ने परियोजना निदेशक (ग्राम्य विकास अभिकरण) अखिलेश चौबे को जिला स्तरीय टीम गठित करने का निर्देश दिया। परियोजना निदेशक की ओर से जिला स्तरीय टीम का गठन कर लिया गया है।
इस टीम में दो जिलास्तरीय अधिकारी शामिल किए गए हैं। साथ ही खंड विकास अधिकारी की ओर से टीम को आवंटन से जुड़े अभिलेख उपलब्ध कराए जाएंगे। टीम को जांच करना है कि जिस समय अजय प्रताप के परिवार को आवास आवंटन हुआ था तो उस समय वह पात्र था या नहीं। अगर वह पात्र नहीं था तब उसने किस तरीके से इस योजना में पात्र बनकर दो सरकारी आवास का लाभ ले लिया। अगर मामला सही पाया गया तब इस मामले में क्षेत्रीय कर्मचारी भी फंस सकते हैं।
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पीएम आवास योजना का मामला सामने आने पर इसकी जांच के लिए जिला स्तरीय टीम का गठन किया गया है। इसके लिए खंड विकास अधिकारी की ओर से सभी अभिलेख टीम को उपलब्ध कराए जाएंगे। जांच के बाद आगे की कार्रवाई होगी और रिकवरी भी होगी। - केशव कुमार, सीडीओ