बदायूं। गोवंशों की मौत के बाद बिनावर और उसहैत थानों में एनजीओ के विरुद्ध चार एफआईआर दर्ज हुई हैं। इनमें लिखे आरोपों की बात करें तो दो साल से गोवंश के नाम पर जारी हो रही धनराशि के दुरुपयोग और बंदरबांट की बात सामने आई है। डीएम अवनीश राय ने बताया है कि एनजीओ संचालित गोशालाओं में बरती गई लापरवाही और अनियमितता के मामलों की जांच कराई जा रही है, ताकि सही स्थिति सामने आ सके।
उधर, पशुपालन विभाग के सूत्रों के अनुसार 10 गोशालाओं को संचालित करने के नाम पर दानवीर जन कल्याण सेवा समिति (एनजीओ) ने लाखों रुपये की सरकारी धनराशि का बंदरबांट किया है।
एनजीओ संचालक दानवीर यादव के इस खेल में पशुपालन विभाग के कई अधिकारियों की मिलीभगत होने की चर्चा है। सूत्रों ने यहां तक बताया है कि पशुपालन विभाग के अफसरों ने एनजीओ संचालित गोशालाओं पर ध्यान नहीं दिया, यही कारण रहा कि एनजीओ मनमाने तरीके से हर माह लाखों रुपये की सरकारी धनराशि हड़पता रहा।
यही वजह है कि डीएम ने पशुपालन विभाग के मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी के विरुद्ध विभागीय जांच और दो पशु चिकित्सा अधिकारियों को निलंबित करने की संस्तुति करते हुए अपर मुख्य सचिव पशुपालन को पत्र लिखा है। जिलेभर में 27000 गोवंशों पर प्रतिदिन 13.50 लाख रुपये की रकम खर्च की जा रही है।
एक गोवंश पर 50 रुपये खर्च होते हैं। उधर, ब्लैक लिस्ट होने के बाद एनजीओ से सभी गोशालाओं का जिम्मा हटा लिया गया है। फिलहाल, दानवीर यादव के विरुद्ध उसावां व उसहैत थाने में तीन रिपोर्ट दर्ज की जा चुकी हैं। दो रिपोर्ट में गोवध अधिनियम भी लगाया गया है, जिसे गोवंश की हत्या माना जा रहा है।
दानवीर जन कल्याण सेवा समिति के पास ये थीं गोशालाएं
1- ग्राम-टिकाई पुख्ता
2- ग्राम-टिकरी पुख्ता
3- ग्राम-खेड़ा जलालपुर पुख्ता,
4- ग्राम-खिरिया मकुर पुख्ता
5- ग्राम-रिजौला,
6- ग्राम-खिरिया रहलू,
7- ग्राम-फरीदपुर चकोलर
8- ग्राम-सिकरौड़ी,
9- ग्राम-रसूलपुर
10- वृहद गो-संरक्षण केन्द्र, ग्राम-रफियाबाद
संचालक पर सचिव के साथ मिलकर सरकारी धन निजी उपयोग में खर्च करने का आरोप
- गायों को उचित चारा-पानी, चोकर और मौसम से बचाव की व्यवस्था नहीं कराई गई
संवाद न्यूज एजेंसी
उसहैत। ग्राम पंचायत टिकरी पुख्ता में संचालित अस्थायी गोशाला में गोवंशों की मौतों ने प्रशासन व पशुपालन की पोल खोल दी है। प्रशासक महताब सिंह ने तहरीर देकर उसहैत थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि गोशाला का संचालन 20 जून 2025 से दानवीर जन कल्याण सेवा समिति कर रही है। 28 सितंबर को गोशाला में 155 गायें थीं। सरकार से 50 रुपये प्रति गाय प्रतिदिन के हिसाब से 7750 रुपये रोज और 2,32,500 रुपये महीना मिलता है। आरोप है कि संचालक दानवीर यादव, कुलदीप, दर्शन सिंह व सचिव अलख निरंजन ने सरकारी धन का बंदरबांट कर अपने निजी उपयोग में लिया।
गायों को उचित चारा-पानी, चोकर और मौसम से बचाव की व्यवस्था नहीं दी गई, जिससे गोवंश भूख से तड़प कर मर रहे हैं। मरने वाली गायों को बिना पोस्टमॉर्टम ट्रैक्टर से फेंक दिया जाता है। उनकी जगह नई गायें केयर टेकर रख लेते हैं। गोशाला में करीब 100 से अधिक गायें बिना टैग के मिलीं। सरकारी धन का अपने निजी उपयोग में बंदरबांट किया। यहां पांच गोवंश की मौत हुई थी।
वहीं, दूसरे मामले में टिकाई पुख्ता ग्राम पंचायत की द्विकली पुख्ता में अस्थायी गोशाला में गोवंशों की मौत के मामले में नरेशपाल की तहरीर पर चार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। कोनका नगला निवासी नरेशपाल सिंह ने तहरीर में बताया कि नगला क्षेत्रीय लेखपाल के साथ गोशाला पर पहुंचा तो दो गायें मृत और 4 गायें मरणासन्न अवस्था में मिलीं।
लेखपाल के साथ दूसरी ग्राम पंचायत जाने और वापस आने पर गायों को दफना दिया गया था। गांव के वीरपाल ने बताया कि सचिव के फोन पर इन लोगों ने गायों को दफना है। सभी मृत गायों को बिना पोस्टमॉर्टम कराए ट्रैक्टर से फेंक दिया। जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि गोशाला में 100 गायें बिना टैग की हैं, जो गायें मर जाती हैं, उनकी जगह पड़ोसी जनपद कासगंज के गांवों से नई गायें लाकर गिनती पूरी कर ली जाती है। लेखपाल के निरीक्षण में गोशाला में 180 गोवंश मिले, जबकि 200 गोवंशों का पैसा निकाला जा रहा था। तहरीर के आधार पर पशुओं के साथ क्रूरता करने, गोवध अधिनियम और सरकारी धन के गबन के मामले में गोशाला संचालक दानवीर यादव, कुलदीप, दर्शन सिंह और सचिव अलख निरंजन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।
मृत गोवंशों को बिना पोस्टमॉर्टम कराए तड़के दफना दिया
उसावां। क्षेत्र के वीरमपुर भदेली स्थित गोशाला में सोमवार देर रात दस गोवंशों की मौत हो गई। इसके बाद गोवंशों को पोस्टमॉर्टम कराए बिना ही मंगलवार सुबह दफना दिया गया। फार्मासिस्ट सतीश चंद्र सैनी ने बताया कि अभिगांव स्थित गोशाला से 15 गोवंश वीरमपुर भदेली की वृहद गोशाला में लाए गए थे। इनमें कुछ गोवंश मरणासन्न हालत में थे। उन्होंने बताया कि पांच गोवंशों की मंगलवार की सुबह मौत हो गई। वहीं, वायरल वीडियो में इनकी संख्या दस दिखाई दे रही है। उन्हें दफन करने की प्रक्रिया चल रही।
वायरल वीडियो को उसावां ब्लॉक क्षेत्र की वीरमपुर भदेली स्थित वृहद गोशाला का है। वीडियो वायरल होने के बाद गोशाला की व्यवस्थाओं को लेकर चर्चाएं शुरू हो गईं। फार्मासिस्ट सतीश चंद्र ने बताया कि सभी मृत गोवंशों का पोस्टमॉर्टम कराने के बाद नियमानुसार दफन कराया गया है। अभिगांव से लाए गए अन्य बीमार गोवंशों का उपचार किया जा रहा है, उनकी निगरानी भी की जा रही है। संवाद