ककोड़ा मेला। जिला प्रशासन की सख्ती के चलते ककोड़ा मेला के मुख्य घाट तक गंगा की बहती धारा पहुंच गई है। धारा पहुंचने पर सोमवार को श्रद्धालुओं ने गंगा के बहते जल में स्नान कर पुण्य कमाया। यहां बता दें कि अभी गंगा का जलस्तर 11381 क्यूसेक है। जलस्तर 10,000 क्यूसेक पहुंचा तो धार मंद पड़ सकती है।
मिनी कुंभ ककोड़ा मेला में पिछले साल श्रद्धालुओं को गंगा के रुके जल में स्नान करना पड़ा था। इसको लेकर श्रद्धालुओं ने काफी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की थी। इस बार भी कुछ हाल वैसा ही था। ककोड़ा मेला के मुख्य घाट तक गंगा की बहती हुई धार नहीं आ रही थी। इसको लेकर अमर उजाला ने प्रमुखता से खबरों को प्रकाशित किया। इसके बाद जिला प्रशासन ने अपनी सक्रियता बढ़ाई।
गंगा का जलस्तर बढ़ाने के लिए डीएम निधि श्रीवास्तव ने नरौरा, बिजनौर, हरिद्वार पत्राचार किया। साथ ही जिला पंचायत को गंगा की धार को मोड़ने के निर्देश दिए। इसके बाद छह जेसीबी लगाकर जिला पंचायत ने गंगा में खोदाई शुरू कराई। नतीजा यह हुआ कि सोमवार सुबह गंगा की बहती हुई धार मेला स्थल से होकर निकलने लगी।
ऐसे में सोमवार को श्रद्धालुओं ने गंगा की बहती हुई धार में स्नान कर पुण्य कमाया। अभी गंगा का जलस्तर 11381 क्यूसेक रिकॉर्ड किया गया है। अगर 10,000 क्यूसेक से कम पानी हुआ तो दिक्कत फिर से बन सकती है।