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Budaun News: मेंथा फैक्टरी में क्रेन का प्रेशर पाइप फटा, चार घंटे रुका रहा काम

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मेंथा फैक्टरी में मलबा के बीच मुनेंद्र को तलाशते परिजन। संवाद - फोटो : mathura
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उझानी। भारत मिंट एलाइड एंड केमिकल्स से मलबा हटाने में जुटे गाजियाबाद की टीम को दो- तीन बार अवरोधक का सामना करना पड़ा। सुबह में खराब क्रेन ठीक हो पाती, उससे पहले ही दूसरी क्रेन का प्रेशर पाइप फट गया। इससे करीब चार घंटे तक मलबा हटाने का काम ठप रहा।
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मेंथा फैक्टरी में गाॅर्डर समेत मशीनों को गैस कटर से काट कर उसका मलबा दूसरे छोर पर पहुंचाने का काम पांच दिन से चल रहा है। तीन दिन से गाजियाबाद के ठेकेदार अफजाल अल्वी की देखरेख में 19 सदस्यीय टीम काम कर रही है। जहां पर मुनेंद्र का शव होने के संभावना है, उसके आसपास करीब 20 फिट तक मलबा हटाया जा चुका है। मलबा हटाए जाने के दौरान शुक्रवार सुबह में एक क्रेन खराब हो गई। उसे ठीक करने के लिए दोपहर तक मैकेनिक लगे रहे। उसके ठीक होने से पहले ही दूसरी क्रेन का प्रेशर पाइप फट गया। ठेकेदार ने बताया कि बाहर से प्रेशर पाइप मंगाया गया है। इसके बाद भी मजदूर लोहे के गार्डर और मशीनों के पाइप काटने में जुटे रहे। उन्होंने गार्डर काटकर पास में ही ढेर लगा दिया है। क्रेन के ठीक होने पर देर शाम तक उसे हटा दिया जाएगा।


मेहनताना बढ़ाने पर अड़े मजदूरों को पुलिस ने समझाया
- फैक्टरी से मलबा हटाने के कार्य के दौरान शुक्रवार सुबह में मजदूरों ने मेहनताना बढ़ाने की मांग रख दी। उन्होंने ठेकेदार को बताया कि जान जोखिम में होने के बाद भी वह मोटा लोहा काट रहे हैं, लेकिन उसका भाव नहीं बताया जा रहा है। ठेकेदार ने फैक्टरी प्रबंधन से जुड़े लोगों से बात की तो कोई सकारात्मक उत्तर नहीं मिला। इसके बाद मजदूर सामान समेटकर फैक्टरी से बाहर निकल आए। काम रुकते ही मुनेंद्र के परिजनों ने पुलिस से संपर्क साधा। पुलिस ने तयशुदा मेहनताने के अनुरूप भुगतान कराने का भरोसा दिया तो ठेकेदार ने फिर से काम शुरू कराया।
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बिलख रही पत्नी रेखा
- मेंथा ऑयल फैक्टरी में अग्निकांड के दौरान कर्मचारी मुनेंद्र यादव की जिंदा जलकर मौत हो जाने के बाद से परिजनों के दावे के बीच बदहवास पत्नी रेखा अपनी दो मासूम बेटियों की परवरिश को लेकर भी परेशान है। हादसे हुए करीब 10 दिन गुजर चुके हैं। बिचौला टप्पा जामिनी में मुनेंद्र के परिजनों को ढांढस बंधाने के लिए नेता और समाजसेवी भी पहुंच रहे हैं। जब भी रेखा को कोई समझाने की कोशिश करता है, तो वह बिलखने लगती है। बेटियों में चार साल की अशवी और दो वर्षीय लवी भी मां समेत परिवार के लोगों को देखकर सहमी हुई हैं।

मेंथा फैक्टरी में मलबा के बीच मुनेंद्र को तलाशते परिजन। संवाद- फोटो : mathura

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