बदायूं। एक जनवरी 2026 को आधार मानते हुए विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की निर्वाचक नामावलियों के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण कार्यक्रम 26 दिसंबर तक चलेगा। इस अवधि के दौरान बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) की ओर से गणना प्रपत्रों का डिजिटलाइजेशन बीएलओ एप के माध्यम से ही किया जाएगा। अब भी जिले में पांच लाख से अधिक मतदाता एएसडी सूची में शामिल हैं, जिनको तलाशने का काम तेजी से किया जा रहा है।
जिला प्रशासन के अनुसार, सभी बीएलओ को समयबद्ध तरीके से गणना कार्य पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि मतदाता सूची को शुद्ध, अद्यतन और त्रुटिरहित बनाया जा सके। इस प्रक्रिया के अंतर्गत घर-घर जाकर किए गए सत्यापन के आधार पर तैयार गणना प्रपत्रों को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर अपलोड किया जा रहा है।
एडीएम (एफआर) ने बताया कि डिजिटलाइजेशन की इस प्रक्रिया से मतदाता सूची के पुनरीक्षण कार्य में पारदर्शिता आएगी और समय की भी बचत होगी। साथ ही डाटा सीधे सर्वर पर उपलब्ध होने से किसी भी प्रकार की त्रुटि को समय रहते सुधारा जा सकेगा। गणना अवधि के दौरान बीएलओ को तकनीकी सहायता उपलब्ध कराने के लिए संबंधित सेक्टर अधिकारियों को भी सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश दिए गए हैं।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी गणना प्रपत्रों का डिजिटलाइजेशन अनिवार्य रूप से पूरा किया जाना है। किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए। जिले में अब भी पांच लाख से अधिक लोग ऐसे हैं, जो अनुपस्थित, स्थानांतरित और मृत (एएसडी-एबसेंट, शिफ्टेड, डेड) सूची में शामिल हैं।
एडीएम (एफआर) डॉ. वैभव शर्मा ने बीएलओ से अपील की है कि वे पूरी जिम्मेदारी और सतर्कता के साथ इस महत्वपूर्ण कार्य को समय पर संपन्न करें, ताकि आगामी निर्वाचन प्रक्रिया सुचारू रूप से संपन्न कराई जा सके।