फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Budaun News: रुपये दोगुने खर्च, फिर भी तमाम परेशानियां झेल रहे यात्री

विज्ञापन
राजीव पराशरी। - फोटो : jyodian news
विज्ञापन
बदायूं। दोगुने रुपये खर्च करने के बाद भी यात्रियों को परेशानी हो रही है। कुछ चालक यात्रियों को बरेली ले जाने के लिए बैठा तो लेते हैं, लेकिन आंवला में देते हैं। ऐसे में यात्रियों को डग्गामार वाहनों का सहारा लेना पड़ता है। ऐसे में उन्हें परेशानी के साथ समय भी अधिक लग रहा है। इधर, रोडवेज स्टैंड तक का किराया लेकर चार किलोमीटर पहले पटेल चौक पर ही यात्रियों को उतारा जा रहा है। यातत्रों को 20 रुपये खर्च कर स्टैंड तक जाना हो रहा है।
विज्ञापन


सामान्य दिनों में बरेली का किराया रोडवेज से 75 रुपये है। रूट डायवर्जन लागू होने के बाद से बसों को आंवला होकर भेजा जा रहा है। रूट अलीगंज होकर चाड़पुर से बरेली को तय किया गया है। इसके लिए 92 रुपये किराया निर्धारित किया गया है। इसके बाद भी चालक परिचालक यात्रियों को आंवला पहुंचकर बसों को खड़ा देते हैं। ऐसे में आंवला से बरेली तक डग्गामार वाहन सौ रुपये किराया वसूल कर रहे हैं। 92 रुपयों में से 42 रुपये यात्रियों को परिचालक वापस कर रहे हैं। 50 रुपये में आंवला और वहां से सौ रुपये में बरेली तक का सफर लोगों को तय करना पड़ रहा है। इस तरह बरेली तक 150 रुपये खर्च करने के बाद भी तमाम परेशानियां झेलनी पड़ रही है।
-
यात्रियों ने बयां किया अपना दर्द
बस चालक कर रहे मनमानी
बरेली जाने के लिए सैदपुर से मुरादाबाद डिपो की बस में बदायूं तक आए। चालक ने पटेल चौक पर ही उतार दिया। वहां से रोडवेज स्टैंड तक 20 रुपये ई-रिक्शा में देकर पहुंचा। बताया कि बरेली जाने को बस ही नहीं है। इसके बाद फिर से 20 रुपये खर्च कर पटेल चौक पर आया। यहां से बस मिली तो 92 रुपये का टिकट बरेली तक को परिचालक ने काट दिया। बस में 11 यात्री थे। चालक ने आंवला जाकर उतार दिया। 42-42 रुपये वापस कर बोला यहां से किसी अन्य वाहन से जाना होगा। इसके बाद सौ रुपये देकर टेंपो से बरेली तक जाना हुआ। एक घंटे के सफर में चार घंटे लगे और रुपये भी दोगुने से अधिक खर्च हो गए। - राजीव पाराशरी, सैदपुर
विज्ञापन

-
बरेली आने-जाने में हुई परेशानी
दवा लेने बरेली जाना था। बदायूं आकर पटेल चौक से बरेली डिपो की बस मिली। 92 रुपये को टिकट दिया गया। चालक बस को आंवला होते हुए अलीगंज से चाड़पुर होकर बरेली तक ले गया। रामगंगा पर बस को पुलिस ने रोक दिया। वहां से 30 रुपये खर्चा कर बरेली शहर तक पहुंच सका। आने जाने में बहुत परेशानी हुई। -सोमेश मिश्रा, बरीपुरा

कोट,
बसों के लिए रूट डायवर्जन सावन माह शुरू होने से पहले ही तय कर दिया गया था। इसके बाद भी कोई चालक परिचालक उसका पालन नहीं कर रहा है तो गलत है। शिकायत मिलेगी तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन

-राजेश पाठक, एआरएम

राजीव पराशरी।- फोटो : jyodian news

राजीव पराशरी।- फोटो : jyodian news

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें