बदायूं। नलकूप कनेक्शन के लिए एस्टीमेट बनाने के नाम पर 20 हजार रुपये की रिश्वत लेने वाले विद्युत निगम के जेई को कोर्ट कोर्ट में पेश किया गया। जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। विद्युत निगम के जेई को बीते रोज एंटी करप्शन बरेली की टीम ने रसूलपुर बिलहरी में बिजली बिल बकाया जमा कैंप के दौरान रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। गिरफ्तार जेई के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत सिविल लाइंस कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया गया था।
मूसाझाग थाना क्षेत्र के करौलिया गांव निवासी अमरजीत सिंह पुत्र सरवन सिंह ने एंटी करप्शन टीम से शिकायत की थी। बताया कि उन्होंने अपनी मां किरणदीप के नाम से नलकूप कनेक्शन के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था। आवेदन के बाद विद्युत वितरण खंड प्रथम, ढाक वाली जारत बिजलीघर पर तैनात जेई प्रदीप बाबू भारती ने स्थल का सर्वे किया।
प्रक्रिया आगे बढ़ाने के बजाय एस्टीमेट तैयार करने के नाम पर 20 हजार रुपये की मांग रख दी। आरोप है, कई बार गुहार लगाने के बावजूद जेई टालमटोल करते रहे। इसके बाद उन्होंने साफ कहा मिठाई के बिना फाइल आगे नहीं बढ़ेगी। लगातार दबाव और देरी से परेशान होकर अमरजीत ने पूरे मामले की शिकायत एंटी करप्शन बरेली इकाई से की।
शिकायत की पुष्टि होने पर एंटी करप्शन टीम ने केमिकल लगे 20 हजार रुपये अमरजीत को सौंपे और पूर्व निर्धारित योजना के तहत कार्रवाई शुरू की। रसूलपुर बिलहरी गांव में सिविल लाइंस कोतवाली क्षेत्र में लगे बिजली बिल बकाया जमा कैंप के दौरान जैसे ही अमरजीत ने उक्त राशि जेई प्रदीप बाबू भारती को सौंपी, तभी टीम ने जेई को रंगे हाथों पकड़ लिया था। उनके खिलाफ सिविल लाइंस कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराए जाने के बाद टीम बरेली ले गई। जहां कोर्ट में पेश किया गया। जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।