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Budaun News: अनुबंध फिर होगा या नीलाम होंगी दुकानें, फैसला चुनाव के बाद

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उझानी। घंटाघर मार्केट के प्रथम तल पर बनीं 32 दुकानों के अनुबंध की समय सीमा 31 मार्च को पूरी हो गई। अब चुनाव के बाद तय होगा कि दुकानें खाली कराई जाएंगी या फिर से दुकानदारों से अनुबंध किया जाएगा।
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नगर पालिका परिषद के अधिकार क्षेत्र के घंटाघर मार्केट के प्रथम तल पर करीब डेढ़ दशक पहले 32 दुकानों का निर्माण कराया गया था। दुकानें धरातल पर भी हैं, लेकिन प्रथम तल की दुकानों का आवंटन नीलामी प्रक्रिया से हुआ था। प्रथम तल की दुकानों के आवंटन के दौरान ही दुकानदारों से अनुबंध पत्र भी लिया गया था।
अनुबंध में प्रति माह 608 रुपये किराए पर 15 साल तक के स्वामित्व का जिक्र किया गया था। अनुबंध की समय सीमा 31 मार्च 2024 को पूरी हो गई थी। समय सीमा पूरी होने से पांच-छह दिन पहले ही पालिका ने दुकानें खाली करने के नोटिस दुकानदारों को भेजे थे।
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ईओ अब्दुल शबूर कहते हैं कि अनुबंध के तहत किराएदारों को खुद ही दुकानें खाली कर देनीं चाहिए। चूंकि, इन दिनों लोकसभा चुनाव की प्रक्रिया चल रही है, ऐसे में पालिका बोर्ड की बैठक भी नहीं हो सकती। चुनाव प्रक्रिया संपन्न हो जाने के बाद इस पर निर्णय होगा। किराएदारों का अनुबंध फिर से बढ़ा दिया जाए या सभी दुकानों को खाली कराके उनकी नए सिरे से नीलामी कराई जाए, यह भी बोर्ड की बैठक में तय होगा।

तीन दशक पहले धरातल पर बना था मार्केट
घंटाघर मार्केट के धरातल पर वर्ष 1991 में दुकानें बनीं थीं। उसी साल नीलामी प्रक्रिया के बाद जुलाई में उद्घाटन कराके पालिका ने उन्हें किराएदारों के हवाले कर दिया था। धरातल की दुकानों की नीलामी के दौरान समय सीमा को लेकर किरायेदारों से कोई अनुबंध नहीं कराया गया था। किरायेदार दुकानदारों की मानें तो पालिका को प्रथम तल की दुकानों को लेकर भी पहले जैसा ही नजरिया रखना चाहिए था।
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