रानेट पुल का दिन में बंद पड़ा काम। संवाद
- फोटो : बसभरिया पुरैना में रोते बिलखते परिजन।
बिसौली। गर्मी का असर अब खुले में होने वाले निर्माण कार्य पर दिख रहा है। हालात यह है रानेट पुल पर सुबह और शाम को ही काम हो पा रहा है।
16.11 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे इस 128 मीटर लंबे पुल का कार्य कुछ दिन पहले तक तेज गति से चल रहा था, अब धीमा पड़ गया है। तेज धूप, लू और बढ़ते तापमान के कारण निर्माण कार्य प्रभावित हो रहा है। इससे परियोजना की समय-सीमा पर भी सवाल खड़े होने लगे हैं।
बिसौली के समशुद्दीन, सलीम, रामेंद्र, सुखवीर का कहना है कि पिछले कई दिनों से दोपहर के समय काम लगभग ठप हो जाता है। तापमान 40 डिग्री के पार पहुंचने और लू के थपेड़ों के कारण मजदूर लंबे समय तक साइट पर काम नहीं कर पा रहे हैं। इसके चलते निर्माण एजेंसी को काम की गति धीमी करनी पड़ी है। निर्माण स्थल पर कार्यरत श्रमिकों को गर्मी से बचाने के लिए सीमित व्यवस्थाएं की गई हैं, लेकिन तेज गर्मी के सामने ये इंतजाम नाकाफी साबित हो रहे हैं। पानी, छांव और विश्राम की व्यवस्था होने के बावजूद दोपहर के समय काम कराना मुश्किल हो रहा है।
रानेट पुल का निर्माण क्षेत्र के लिए बेहद महत्वपूर्ण परियोजना माना जा रहा है। इसके बनने से आसपास के कई गांवों को सीधा लाभ मिलेगा और आवागमन की सुविधा बेहतर होगी। अभी लोगों को लंबा रास्ता तय करना पड़ता है, खासकर बरसात के मौसम में दिक्कतें और बढ़ जाती हैं। पुल बनने के बाद समय और दूरी दोनों की बचत होगी। हालांकि, मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए यह आशंका जताई जा रही है कि परियोजना अपने निर्धारित समय में पूरी नहीं हो पाएगी।