बदायूं। ककोड़ा मेले में इस बार जुआ व शराब रोकना पुलिस के लिए खासी चुनौती रहेगा। मेले में शराब की अवैध तरीके से जबरदस्त बिक्री होती है। लाखों रुपये की शराब मेले में खपा दी जाती है। वहीं करोड़ों रुपये का जुआ होता है।
ककोड़ा मेले में चार-पांच लाख श्रद्धालु आते हैं। गंगा किनारे रेत के ढेर पर रावटियां बनाकर लोग इसमें रहते हैं। इन रावटियों में जमकर जुआ होता है। बताया तो यह भी जाता है जुए के लिए अलग से रावटियां होती हैं । इसमें लाखाें रुपये की बाजी लगती हैं। मेले का एक हिस्सा जुए के लिए ही चर्चित रहता है। बताते हैं है कि यहां बड़े से बड़ा जुआरी आता है। कई लोग तो दीपावली की हार का गम मिटाने के लिए ककोड़ा में जुआ खेलते हैं। इसको जुआरियों ने परंपरा तक से जोड़ दिया है।
इसके अलावा मेले में जमकर शराब की बिक्री होती है। शराब ठेकेदार अवैध तरीके से यहां शराब को बेचते हैं। लाखों रुपये की शराब ककोड़ा मेले में बेच दी जाती है लेकिन आबकारी विभाग, पुलिस व प्रशासन खामोश रहता है। खास बात यह है कि मेले में अंग्रेजी से लेकर देसी शराब तक बिकती है।
कहने को मेले में अलग से कोतवाली बनी है। इसका अलग से इंचार्ज बनाया जाता है। इस बार वेदपाल सिंह को मेला इंचार्ज बनाया गया है। लेकिन जब बात मेले में शराब व जुए की बात आती है तो मेला इंचार्ज से लेकर अधिकारी तक अनजान बन जाते हैं।