बदायूं। हादसे की जांच में बड़ी लापरवाही सामने आने के बाद परिवहन विभाग ने ई-कार्ट के डीलर के व्यावसायिक प्रमाणपत्र के निलंबन की कार्यवाही शुरू कर दी गई है। परिवहन विभाग की जांच में सामने आया था कि हादसे का शिकार हुए ई-कार्ट की बिक्री के बाद की पंजीयन प्रक्रिया नहीं की गई थी। वाहन बेचने वाले डीलर ने विभागीय कार्यालय में पंजीयन संबंधी पत्रावली जमा किए बिना ही वाहन स्वामी को ई-कार्ट की सुपुर्दगी दे दी।
कछला पुख्ता निवासी सनी ने 14 जून को कासगंज स्थित केसी ऑटोमोटिव से ई-कार्ट खरीदा था। खरीद के दौरान डीलर ने पंजीयन शुल्क और कर की राशि जमा कर पंजीयन चिह्न जारी कर दिया, लेकिन इसके बाद वाहन के पंजीयन के लिए आवश्यक पत्रावली परिवहन विभाग के कार्यालय में प्रस्तुत नहीं की गई। इसी कारण वाहन का औपचारिक पंजीयन नहीं हो सका। जांच में सामने आया कि वाहन का पंजीयन पूरा होने से पहले ही डीलर ने ई-कार्ट वाहन स्वामी को सौंप दिया।
एआरटीओ का कहना है कि किसी भी वाहन को वैध पंजीयन प्रक्रिया पूरी होने से पहले सड़क पर चलाने की अनुमति नहीं दी जा सकती। इसके बावजूद वाहन को संचालन के लिए दे दिया गया, जिससे परिवहन नियमों का स्पष्ट उल्लंघन हुआ। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि डीलर की भूमिका संदिग्ध पाई गई है। प्रथम दृष्टया नियमों की अनदेखी सामने आने के बाद उसके खिलाफ व्यावसायिक प्रमाणपत्र निलंबित करने की कार्यवाही प्रस्तावित की गई है। संवाद
डीलर की लापरवाही साफ तौर पर दिखाई दे रही है। ई-कार्ट बेचने वाली डीलर का व्यवसायिक प्रमाणपत्र निरस्त किया जाएगा। चूंकि वह कासगंज का रहने वाला है। ऐसे में कासगंज प्रशासन को पत्राचार किया जा रहा है। -हरिओम, एआरटीओ