केंद्र सरकार ने गन्ना किसानों का पैसा न देकर मिल मालिकों को मालामाल बनाया है। किसानों के लिए 50 रुपये धान रेट बढ़ाकर ऊंट के मुंह में जीरे वाला काम किया है। अब मोदी सरकार पंचायतें करके किसानों का मजाक उड़ाने का काम कर रही है।
यह विचार भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष ठा. धर्मपाल सिंह ने पंचायत में व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि कर्ज माफी पर प्रधानमंत्री का साफ इंकार उनकी किसान विरोधी मानसिकता को दर्शाता है। बिजली की कीमतें बढ़ाए जाने को उन्होंने निराशाजनक कदम बताया। बीकेडी जिलाध्यक्ष राजेश सक्सेना ने कहा कि देहात क्षेत्र में कटौती से किसान और बर्बाद हो रहे हैं। वहीं पीसीएफ में दो करोड़ के घोटाले के छह माह बाद भी कार्रवाई न होना शर्मनाक है।
जिला महासचिव सुरेश गुप्ता ने कहा कि बीएसए कार्यालय में हुए घोटाले को लेकर भाकियू 27 जून को संयुक्त शिक्षा निदेशक का घेराव करेगी। निर्णय लिया गया जो कार्यकर्ता और पदाधिकारी सक्रिय नहीं हैं, उनको संगठन से बाहर किया जाएगा। इस पर काम राष्ट्रीय शिविर हरिद्वार से लौटने के बाद किया जाएगा। पंचायत में झांझन सिंह, दाताराम शर्मा, अनवर शाह, पप्पू कुशवाह, मुरारी लाल, साबिर, सुआलाल, हारुन गौस, चेत सिंह, नरेंद्र सक्सेना मौजूद रहे।