कछला में अंधेरे में दाह संस्कार करते लोग। संवाद
उझानी। कछला के विद्युत शवदाह गृह में अव्यवस्था हावी है। करीब महीने भर से केबल फुंकी है। इसलिए मोक्षधाम परिसर में बिजली नहीं है। इसके अलावा जनरेटर भी नहीं चलाया जाता है। ऐसे में शाम को अंतिम संस्कार करने पहुंचे लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।
शवदाह गृह परिसर में प्रकाश व्यवस्था के अभाव में सोमवार रात बिल्सी कस्बे के मोहल्ला दो निवासी कई लोगों को अंधेरे से रूबरू होना पड़ा। व्यापारी सुरेशचंद्र वार्ष्णेय का निधन हो गया था। उनके अंतिम संस्कार में शामिल होने को परिजनों के अलावा जो लोग पहुंचे उनको काफी परेशानी हुई। विद्युत चलित शवदाह मशीन भी नहीं चल रही है। कछला में विद्युत शवदाह गृह का निर्माण नमामि गंगे योजना के तहत करीब चार करोड़ रुपये की लागत से चार साल पहले हुआ था। स्वच्छ भारत अभियान में स्वीकृत इस प्रोजेक्ट के पीछे केंद्र सरकार की मंशा गंगा को निर्मल रखना रहा है। शव का दाह संस्कार गंगा किनारे नहीं किया जाए। लोगों की सुविधा के अनुरूप व्यवस्थाएं भी की गईं थी, लेकिन सबकुछ ठीकठाक ज्यादा दिन तक नहीं चल पाया है।
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- मोक्षधाम की बिजली की केबल बाढ़ के दिनों में खराब हो गई थी। उसके बाद से बिजली सप्लाई प्रभावित है। बिजली व्यवस्था सुचारू कराने के लिए नगर पंचायत की ओर से कार्यदायी संस्था के महाप्रबंधक को पत्र भेजा जा चुका है। संस्था ही केबल बदलेगी। - जगदीश सिंह, अध्यक्ष, नगर पंचायत, कछला