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Budaun News: कौशांबी जाने वाली बस को नहीं मिल रहीं सवारियां, बंद हो सकती है सेवा

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रोडवेज बस स्टैँड पर लगीं बसें। संवाद
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बदायूं। वजीरगंज, सैदपुर, बिसौली, चंदौसी, संभल के रास्ते कौशांबी जाने वाली वातानुकूलित बस को सवारियां नहीं मिल पा रही हैं। ऑनलाइन बुकिंग शुरू न होने से रात में नौ बजे छूटने वाली इस बस को मात्र बिसौली तक की ही सवारियां मिलती हैं, मजबूरी में चालक-परिचालक वहां की सवारियां लेकर निकल जाते हैं, वहां ठहराव के बाद अगले दिन कौशांबी रवाना होते हैं। बस के तीसरे दिन वापस आने से निगम को आर्थिक क्षति हो रही है, इस कारण यह सेवा कभी भी बंद हो सकती है। हालांकि अधिकारियों का दावा है कि बस की ऑनलाइन बुकिंग जल्द शुरू हो जाएगी।
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रात नौ बजे कौशांबी जाने वाली वातानुकूलित बस का शुभारंभ 13 अक्तूबर को हुआ था। बस की वापसी अगले दिन सुबह दस बजे तक हो जाती है। इसका एक तरफ का किराया 560 रुपये है। बदायूं से कौशांबी जाने वाली इस बस के लोकल स्टाॅपेज वजीरगंज, सैदपुर, बिसौली, चंदौसी, संभल हैं। इसी रास्ते से बस वापसी भी करती है।
अधिकारियों के मुताबिक, कुछ दिन तक तो बस का लोड फैक्टर ठीक रहा, लेकिन पिछले कुछ दिनों से बस को कौशांबी के लिए सवारियां नहीं मिल रही हैं। बस रात को जा तो रही है, लेकिन बिसौली में जाकर खड़ी कर दी जाती है। सुबह को इस बस को आगे ले जाया जा रहा है। इस कारण वापसी तीसरे दिन हो रही है। आर्थिक क्षति होने से निगम इस बस का संचालन कभी भी रोक सकता है। वहीं लोड फैक्टर घटने के पीछे एक बढ़ा कारण इस बस का प्रचार-प्रसार न किया जाना भी है।
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एआरएम राजेश पाठक ने बताया कि अब तक बस ऑनलाइन नहीं हो सकी है। इसके लिए शासन व विभागीय पत्राचार जारी हैै। ऑफलाइन होने की वजह से दिक्कत आ रही है। 30 अक्तूबर तक दोनों एसी बसें ऑनलाइन हाे जाएंगी। बता दें कि कौशांबी के लिए दूसरी वातानुकूलित बस रात आठ बजे सहसवान के रास्ते रवाना की जाती है, जिसकी वापसी अगले दिन पूर्वाह्न 11 बजे होती है।

बसों के ऑनलाइन होने से टल सकता है संकट
कौशांबी को जाने वालीं दोनों बसों में अभी ऑनलाइन टिकट बुकिंग की व्यवस्था नहीं हैं। बसों के ऑनलाइन होने से यात्री खुद ही टिकट बुकिंग कर सकेंगे, इसके बाद इस लोड फैक्टर घटने जैसी समस्या न सिर्फ खत्म हो जाएगी, बल्कि सीधी सवारियां से मिलने से लोड फैक्टर भी बढ़ेगा। चूंकि ऑन किए जाने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, इससे उम्मीद है कि 30 अक्टूबर तक तो बस संचालित ही की जाएगी। इसके बाद अगर ऑनलाइन बुकिंग शुरू नहीं हुई तो संचालन बद हो सकता है।


भैया दूज पर परिवहन निगम को मिला 45 लाख का राजस्व
जिले में निगम की 102 व अनुबंधित 44 बसें संचालित हैं। इन बसों ने दौड़ लगाई तो बहनें भैया दूज पर अपने गंतव्य तक पहुंच सकीं। इस दौरान निगम ने 45 लाख रुपये का राजस्व प्राप्त किया।
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