बदायूं। सात साल पुराने भाभी की हत्या के मामले में आरोपी देवर सत्यपाल को विशेष न्यायाधीश (पाॅक्सो एक्ट कक्ष तीन) ऋषि कुमार ने दोषी करार दिया है। उसे आजीवन कारावास कैद की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
मृतका के भाई रवि ने एक सितंबर 2017 को इस्लामनगर थाने पहुंचकर शिकायती पत्र दिया था। बताया था कि उसने अपनी बहन गुंजन की शादी 18 साल पहले इस्लामनगर कस्बा के मोहल्ला काजी टोला निवासी धर्मपाल के साथ की थी। उसका भाई सत्यपाल बहनोई से रंजिश मानता था। इसी को लेकर 31 अगस्त को देवर सत्यपाल ने बहन को गोली मार दी।
पुलिस ने जानलेवा हमले की धारा में रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू की। इसी दौरान इलाज के दौरान गुंजन की तीन सितंबर 2017 को मौत हो गई। पुलिस ने केस को हत्या की धारा में तरमीम करते हुए विवेचना शुरू की। पुलिस ने हत्यारोपी सत्यपाल को गिरफ्तार कर लिया। उसकी निशानदेही पर आलाकत्ल तमंचा व कारतूस बरामद कर उसे जेल भेज दिया। बृहस्पतिवार को न्यायाधीश ने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन किया। विशेष लोक अभियोजक व बचाव पक्ष के अधिवक्ता की दलीलों को सुनने के बाद आरोपों में सत्यपाल को दोषी पाते हुए सजा सुनाई है।