बदायूं। मुजरिया थाना क्षेत्र के गांव रफीनगर निवासी अमरपाल (36) का शव सोमवार सुबह गांव के बाहर खाई में पड़ा मिला। वह रविवार को कछला गंगा घाट पर स्नान करने जाने की बात कहकर घर से निकले थे। परिजन का आरोप है कि अमरपाल की जेब में 2 लाख रुपये थे। परिवार के लोग हत्या की आशंका जता रहे हैं। वहीं पुलिस ने हादसा बताते हुए अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। दो लाख रुपये कहां गए, इस बारे में पुलिस कुछ बताने को तैयार नहीं।
गांव रफीनगर निवासी अमरपाल पुत्र हुकम सिंह ने हाल ही में जमीन बेची थी। बेची हुई जमीन के रुपये वह अपने पास ही रखता था। रविवार की दोपहर अमरपाल दो लाख रुपये लेकर कछला जाने की बात कहकर घर से बाइक से निकला था। देर रात वह जब घर नहीं पहुंचा तो परिजनों ने तलाश शुरू की।
परिजनों के मुताबिक, उनका मोबाइल नंबर भी बंद जा रहा था। काफी तलाश के बाद भी अमरपाल का कुछ पता नहीं चला। सोमवार की सुबह ग्रामीण अपने खेतों की तरफ गए तो उन्होंने अमरपाल का शव सड़क किनारे खाई में पड़ा देखा। जेब में दो लाख रुपये भी नहीं थे। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंच गई।
पुलिस ने बताया कि ग्रामीण की मौत सड़क हादसे में हुई है, जबकि परिवार के लोगों का कहना है कि उसकी हत्या की गई है। अगर सड़क हादसे में मौत हुई है तो फिर जेब में रखे दो लाख रुपये कहां गए। इसका जवाब पुलिस भी नहीं दे पा रही। अमरपाल के गले पर चोट के निशान हैं और नाक से खून आ रहा था।
प्रभारी निरीक्षक मनोज कुमार ने बताया कि अमरपाल शराब पीने का आदी था। उसकी हादसे में मौत हुई है। रिपोर्ट दर्ज कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया गया है।
बाइक पर नहीं थे निशान
ग्रामीण की बाइक सड़क किनारे पड़ी हुई मिली, जबकि उसका शव खाई में पड़ा था। परिवार के लोगों का कहना है कि अगर सड़क हादसा हुआ तो बाइक भी क्षतिग्रस्त होनी चाहिए थी, लेकिन बाइक पर कहीं भी कोई निशान नहीं है।
अमरपाल का फाइल फोटो।