बदायूं। पिछड़ा वर्ग शादी अनुदान योजना के तहत आवेदन करने वाले लाभार्थी को 20 हजार रुपये का शादी अनुदान दिया जाता है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में जिले के 1797 लाभार्थियों को शादी अनुदान का लाभ दिया जाएगा।
जिले में 2706 लाभार्थियों ने अनुदान के लिए आवेदन किया है। इसमें से 1424 लाभार्थियों को इस योजना के मिल चुका है। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के मुकाबले पिछड़ा वर्ग शादी योजना में लोगों की रुचि ज्यादा बढ़ रही है।
सामूहिक विवाह योजना में जिले में 1444 लाभार्थियों ने आवेदन किया है। इसमेें 577 लाभार्थियों को लाभ दिया जा चुका है। इस योजना में वर वधू को सामूहिक विवाह कार्यक्रम मेें शादी करनी पड़ती है, लेकिन पिछड़ा वर्ग अनुदान योजना में सामूहिक विवाह कार्यक्रम में शादी करने की बाध्यता नहीं है।
इसके कारण पिछड़ा वर्ग के लोग इस योजना का ज्यादा लाभ ले रहे हैं। इसमें अभिभावक तय की गई तारीख और शुभ मुहूर्त में शादी कर सकते हैं। इसी कारण सामूहिक विवाह योजना के मुकाबले इस योजना में लोगों ने सबसे ज्यादा आवेदन किए हैं।
इस वित्तीय वर्ष में पिछड़ा वर्ग शादी अनुदान में 1797 लाभार्थियों को ही अनुदान दिया जा सकेगा। इस योजना में लड़की के अभिभावक के खाते में 20 हजार अनुदान धनराशि जारी की जाती है। इस योजना में लाभार्थी शादी के 90 दिन पहले और शादी के 90 दिन बाद तक आवेदन कर सकता है। शर्त यही है कि आवेदनकर्ता की वार्षिक आय एक लाख रुपये से कम होनी चाहिए।
पिछड़ा वर्ग अनुदान शादी योजना में लाभार्थी को किसी प्रकार की बाध्यता नहीं है। इसके कारण लोग इस योजना का ज्यादा लाभ ले रहे हैं। लाभार्थी का आवेदन पात्र होने पर अनुदान की राशि खाते में जारी कर दी जाती है। - प्रणव पाठक, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी