‘मैं भी किसान का बेटा हूं। किसान का दर्द अच्छी तरह से समझता हूं।’ इन पंक्तियों से अपनी बात की शुरूआत करते हुए किसान की दुखती रग पर हाथ रखकर केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह उनके हमदर्द बन गए। वाकपटु राजनेता के रूप में पहचाने जाने वाले राजनाथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की संवेदनशील छवि को भी पेश करने सेे नहीं चूके। बोले, विदेश यात्रा पर जाने से पूर्व ही प्रधानमंत्री ने उन्हें बुलाया और किसानों को लेकर चिंता जताई। प्रधानमंत्री ने कहा कि वह विदेश यात्रा पर जा रहे हैं। वहां कुछ दिनों को फंस जाएंगे। इसलिए अभी उनकी राहत राशि निकालने की फाइल पर हस्ताक्षर करा लें। नौ अप्रैल को रात के 12 बजे उन्होंने साइन किए।
गृहमंत्री ने किसानों को यह कहकर भाजपा से जोड़ने की कोशिश की कि किसानों को दी जाने वाली राहत में भाजपा शासित प्रदेशों की सरकारें कहीं आगे हैं। उन्होंने इशारे में ये साबित करने की कोशिश भी की कि प्रदेश सरकार किसानों की सहायता करने में विफल हो रही है। सवाल छोड़ा कि क्या वजह है कि किसानों को राहत दिए जाने में भाजपा शासित राज्य निर्विवाद हैं। अटल बिहारी सरकार में लागू करने से रह गई किसानों के लिए नई कृषि बीमा का भी खाका खींचा। उन्होंने कहा कि बिना किसी राजनीति के सभी राजनीतिक दल इस समय किसानों और जनता की सेवा को आगे आएं।
...खाट खड़ी कर दी जाएगी
केसीसी के नवीनीकरण में बैंकों द्वारा आनाकानी करने और पैसे मांगने की शिकायत पर उन्होंने गुस्से का इजहार भी किया। कार्यकर्ताओं को निर्देश दिए कि ऐसे कुछ मामले उन तक पहुंचाएं। ऐसे लोगोें की खाट खड़ी कर दी जाएगी, जो किसानों पर आए संकट में भी उनका दर्द नहीं समझ रहे।
काला-पीला कैसा भी गेहूं हो खरीदा जाए
राजनाथ सिंह ने किसानों को आश्वस्त किया कि न भारत सरकार पर धन की कोई कमी है और न प्रदेश सरकार पर। किसानों की भूमि का सही सर्वे कर उन्हें राहत पहुंचाई जाए। दूसरा किसान की बड़ी समस्या का पहलू पकड़ते हु़ए उन्होंने कहा कि गेहूं खरीद में पतला, काला, पीला जैसा भी हो गेहूं खरीदा जाए। मंडल में 103 किसानों के मरने पर बेहद दुखी हुए। उन्होंने किसानों का आह्वान किया कि अपने भाइयों को समझाएं कि वह धैर्य न खोएं, आत्महत्याएं न करें।
22 मिनट में खत्म की स्पीच
गृहमंत्री धाराप्रवाह बोलने के लिए जाने जातेे हैं। यहां उन्होंने मात्र 22 मिनट में अपनी बात समाप्त कर दी। ठीक 3.11 बजे वे माइक पर आए और 3.33 पर जनता का अभिवादन कर बैठ गए। बाद में जिलाध्यक्ष प्रेमस्वरूप पाठक ने आभार व्यक्त किया।