सीधे सपाट लहजे में बात करने के लिए मशहूर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ.लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने अखिलेश सरकार को ही निशाना बनाया। कहा कि सूबे में किसानों की हालत किसी से छिपी नहीं। किसान मर रहे हैं। प्रदेश सरकार उनके परिवारीजनों के आंसू पोंछने के बजाय जले पर नमक छिड़क रही है। सौ-पचास रुपये तक के मुआवजे के चेक काटे जा रहे हैं। फर्जीवाड़े का ये आलम है कि फैजाबाद की रुदौली तहसील में 37 मृतकों के नाम चेक काट दिए गए। क्रबिस्तान की भूमि पर सात चेक बना दिए गए। इस हुकूमत में लेखपाल-पटवारी ने मरते हुए किसान की कमर लात मारने का काम किया है।
डा.वाजपेयी गुरुवार ने किसान महापंचायत में जाने से पहले मीडिया से मन की बात की। बोले, भाजपा ने किसानों के मुद्दे को उठाया। इस अखिलेश सरकार ने पहले 31 जिलों को आपदा प्रभावित माना, जब संघर्ष किया तो ये संख्या अब 65 से ऊपर पहुंच गई है। केंद्र सरकार ने ही क्षतिपूर्ति को 50 से घटाकर 33 प्रतिशत कराया है। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि किसानों के मसले पर अखिलेश सरकार ने असंवेदनशीलता का परिचय दिया है। प्रभावित क्षेत्रों में मुख्यमंत्री तो दूर उनके मंत्री-संतरी तक नहीं गए हैं। सारा काम पटवारी और लेखपाल के जिम्मे छोड़ दिया है, जो किसी खास के घर बैठकर मनमाफिक सर्वे रिपोर्ट बना रहे हैं। जो एडवांस दे रहा है, उसको मुआवजा भी मिल रहा है। वाजपेयी ने कहा कि केंद्र सरकार को चाहिए अब राहत का पैसा सीधे किसानों के खाते में डाले, जिससे उनको राहत मिले।
रणछोड दास हैं आजम
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने आजम खान के बयान पर घेरा और आजम को रणछोड़ दास व पलायनवादी नेता कहा। बोले, आजम अपने क्षेत्र की समस्याओं को सुलझा नहीं पा रहे हैं औैर देश छोड़ने की बात कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश में तो उनकी ही सरकार है, वे अपनी सरकार से ही पीड़ित हैं तो कहीं भी जाकर रह सकते हैं।
देश की कीमत पर कोई समझौता नहीं
कश्मीर में पाक जिंदाबाद के नारे लगाने के सवाल पर प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि देश विरोधी बातें करने वालों को देश में रहने नहीं दिया जाएगा। भाजपा राष्ट्र की कीमत पर कोई समझौैता नहीं करेगी। जरूरत पड़ी तो कोई भी सरकार बलिदान करने से नहीं हिचकेगी।