-सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर पैथोलॉजी टेस्ट कराने की प्रक्रिया शुरू
-लखनऊ की लैब में भेजा जाया करेगा मरीजों को ब्लड सेंपल
गंभीर बीमारियों के टेस्ट के नाम पर मरीजों को अब प्राइवेट पैथोलॉजी लैब में जाकर जेब हल्की करने से बच जाने का वक्त आ गया है। लीवर से लेकर डेंगू होने पर प्लेट्सलेट काउंट कराने तक की जांचें अब सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर सिर्फ एक रुपये के पर्चे पर कराई जा सकेंगी।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर गंभीर बीमारियों के टेस्ट कराने की सुविधा सेहत महकमे की ओर से पिछले महीने के अंत में शुरू की गईं। शुगर और यूरिन समेत करीब ढाई दर्जन गंभीर बीमारियों के टेस्ट कराने के लिए महकमे ने लखनऊ की पैथालोजी लैब से टाईअप किया है। मरीजों का ब्लड सेंपल लेकर लखनऊ की कृष्णा डायग्नोस्ट लैब को भेजा जाएगा। स्वास्थ्य केंद्र टेस्ट के नाम पर कोई अतिरिक्त शुल्क भी वसूल नहीं करेगा। हालांकि मलेरिया समेत संक्रामक बीमारियों के टेस्ट स्थानीय स्तर पर कराए जाते रहे हैं लेकिन गंभीर बीमारियों में लीवर फंक्शन टेस्ट, ब्लड शुगर, यूरिन माइक्रोस्कोपी, टोटल सीरम बायलरूबिन थायराइड की दोनों श्रेणियों और प्रेग्नेंसी का पता लगाने के लिए यूरिन टेस्ट समेत कई जांच कराने के लिए अस्पताल में ही मरीज का ब्लड या फिर यूरिन का सेंपल लिया जाएगा। गंभीर बीमारियों के कई टेस्ट ऐसे होते हैं जिन्हें कराने से पहले ही मरीजों की जेब खाली हो जाती है। प्राइवेट पैथोलॉजी लैब पर कुछेक टेस्ट का तो डेढ़-दो हजार रुपया भी चुकाना पड़ता है।
विभागीय स्तर से गंभीर बीमारियों के टेस्ट कराने के लिए जो सुविधा मुहैया कराई गई है, उसका हर वर्ग के मरीज को फायदा मिलेगा। कई टेस्ट तो ऐसे होते हैं जिसे कराना गरीब व्यक्ति के लिए आसान नहीं होता। टेस्ट कराने का मरीज से कोई अतिरिक्त शुल्क भी वसूल नहीं किया जाएगा।
- डॉ. निरंजन सिंह, चिकित्साधिकारी