बदायूं। आठ साल पुराने दुष्कर्म करने के आरोपी को विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट दीपक यादव ने दोषी करार देते हुए दस साल की सजा सुनाई है। साथ ही 50 हजार का जुर्माना भी लगाया है। आधी धनराशि पीड़ित बालक को चिकित्सा और पुनर्वास के लिए देने का आदेश भी न्यायालय ने दिया है।
उसहैत थाना क्षेत्र के ग्रामीण ने 11 जून 2017 को उसहैत थाने में एक रिपोर्ट दर्ज कराते हुए कहा था कि पांच जून को उसका 10 साल का लड़का (पीड़ित) भैंस चराने जंगल में गया था। जंगल में गांव का ही मोरपाल भी पशु चरा रहा था। मोरपाल ने लड़के को अपने पास बुलाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। बालक जब चिल्लाया तो आरोपी मौके से भाग गया।
बालक घर आया और परिजनों को घटना के बारे में बताया। तब पुलिस ने मुकदमा पंजीकृत कर विवेचना शुरू की। विवेचक ने सभी साक्ष्य संकलित करके आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। तब से मामला न्यायालय में विचाराधीन था। बुधवार को न्यायाधीश ने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य का अवलोकन कर व दोनों पक्षों के अधिवक्ता की दलील सुनने के बाद दोषी मोरपाल को दस साल की सजा सुनाई।