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24 साल बाद इंसाफ: बदायूं के दीपेश अपहरण कांड में 10 अपहर्ताओं को उम्रकैद, एक को 10 साल की सजा

Fri, 21 Feb 2025 01:01 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं

सार

दीपेश अपहरण कांड में 24 साल के बाद बृहस्पतिवार को विशेष न्यायाधीश दस्यु प्रभावित क्षेत्र रेखा शर्मा ने 10 दोषियों को आजीवन कारावास व एक को दस साल की सजा सुनाई।
 
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अभियुक्तों को लेकर जाती पुलिस - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बदायूं में विशेष न्यायाधीश (डकैती) की अदालत ने करीब 24 साल पहले हुए दीपेश अपहरण कांड में बृहस्पतिवार को दस दोषियों को आजीवन और एक दोषी को दस साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। प्रत्येक दोषी पर 20-20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। 

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फैजगंज बेहटा थाना क्षेत्र के गांव सिसरका निवासी ग्रीश चंद्र शर्मा ने बिसौली कोतवाली में बेटे दीपेश के अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया था। उन्होंने बताया था कि नौ दिसंबर, 2000 को शाम करीब पांच बजे दीपेश बरसी की दावत देने बाइक से बिसौली गया था। अंतिम बार वह गांव कमालपुर में दिखा था। तलाश के दौरान पुलिस ने दीपेश को बदायूं शहर के शिवपुरम के पास एक मकान से बरामद कर लिया।   

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बृहस्पतिवार को विशेष न्यायाधीश (डकैती) दस्यु प्रभावित क्षेत्र की अदालत ने पप्पू उर्फ जाहिद, आनंद, रमेश, अमरपाल, पूरन, महेश, सुभाष, नन्हें, परमानंद और बहार मियां को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। कुंवरपाल उर्फ कुंवर सिंह को दस साल की सजा सुनाई। सभी पर 20-20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। 

छह बदमाशों की हो चुकी मौत
पप्पू उर्फ जाहिद, पूरन, महेश, शाहिद, राकेश पाठक, आनंद, सुभाष, सर्वेंद्र, प्रवेश, कुंवर पाल उर्फ कुंवर सिंह, पप्पू, अमरपाल, नन्हें पाठक, राधेश्याम व परमानंद के खिलाफ डकैती, फिरौती के लिए अपहरण, साजिश रचने समेत अन्य धाराओं में आरोपपत्र दाखिल किया गया। बहार मियां, दिलीप व नूर मोहम्मद को भी आरोपी बनाया गया। बाद में प्रवेश, राकेश पाठक, शाहिद, राधेश्याम व दिलीप की मौत हो गई। वहीं आरोपी सर्वेंद्र के पकड़ में न आने की वजह से पत्रावली अलग कर दी गई।
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दोषियों की सजा से दीपेश और परिजन खुश
12 साल पैरवी के बाद दीपेश के पिता की मौत हो गई। 2012 के बाद चाचा, भाई, बहन और मां ने कोर्ट में पैरवी शुरू की। 24 साल के बाद बृहस्पतिवार को विशेष न्यायाधीश दस्यु प्रभावित क्षेत्र रेखा शर्मा ने 10 लोगों को आजीवन कारावास व एक को दस साल की सजा सुनाई है। सजा होने के बाद पीड़ित परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई। वहीं सजा सुनते ही दोषियों के चेहरे की रंगत उड़ गई। उनके परिवार के लोग बिलख उठे। पुलिस ने सभी दोषियों को जेल भेज दिया है। 
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