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तापमान 44 डिग्री तक पहुंचा, पसीने से तर-बतर रहे लोग

Mon, 15 May 2017 11:35 PM IST
अगर उजाला ब्यूरो  बदायूं।  
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गर्मी - फोटो : अमर उजाला
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चिलचिलाती धूप और रिकार्डतोड़ गर्मी ने बेहाल किया
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पिछले साल के मुकाबले इस बार गर्मी ने सारे रिकार्ड तोड़ दिए है। तापमान दिनोंदिन बढ़ता जा रहा है। सोमवार को तापमान 44 डिग्री पहुंचा गया। चिलचिलाती धूप ने सबको हिला कर रखा दिया। सबसे ज्यादा दिक्कत राहगीरों को हुई। कड़ी धूप के कारण पशु भी बेहाल रहे।    
सोमवार को लोगों का हाल-बेहाल रहा। स्कूटी सवार लड़कियां और बाइक सवार लड़के मुंह पर तौलिया, अंगोछा बांधकर निकले तो रिक्शा सवार महिलाएं छाता लेकर घर से निकलीं, जिससे धूप से बचाव हो सके। दोपहर में बाजारों में भीड़भीड़ कम रही। राहगीर सबसे ज्यादा परेशान दिखाई दिए। हाल यह था कि धूप बर्दाश्त न होने पर वह छाया देखकर रास्ते में बैठ जाते। घरों का भी कुछ ऐसा ही नजारा रहा। तेज धूप के कारण छत पर रखे टैंकों का पानी बुरी तरह गर्म हो गया, यहां तक कि पंखे के नीचे भी बैठना मुश्किल हो गया।  
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मौसम विज्ञानी डॉ. एचएस कुशवाहा का कहना है कि फिलहाल तापमान में वृद्धि बनी रहेगी।

हैडपंप खराब, गर्मी में गला तर नहीं कर पा रहे लोग
बदायूं। जल निगम के आंकड़ों के मुताबिक, जिले में 43375 हैडपंप लगे हैं। इसमें 3402 हैडपंप खराब पड़े हुए हैं। नतीजतन लोगों को गर्मी के मौसम में भी पानी नही मिल पा रहा है। इनमें अधिकतर हैडपंप ग्रामीण क्षेत्र में खराब हैं। इन्हें बार-बार शिकायत के बावजूद सही नहीं कराया जा रहा है। बता दें कि नगर क्षेेेत्रों के इतर ग्रामीण क्षेत्र में 40577 हैडपंप लगे हैं। इनमें 2232 हैडपंप रीबोर होने हैं और 1073 खराब पड़े हुए है। वहीं सभी नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों में कुल हैडपंपों की संख्या 2798 हैं। इसमें 100 रिबोर होने है लेकिन जल निगम हैंडपंपों को रिबोर कराने से हाथ खड़े कर रहा है। 
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  गर्मी में वैसे ही पानी की किल्लत होती है। गर्मी के दिनों में भूजल काफी गहराई में पहुंच जाता है। इससे ग्रामीणों को निजी नल लगवाना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में गांवों में बहुत सारे परिवार सरकारी नल के जरिए पानी के लिए निर्भर होते हैं। जल निगम के अधिशासी अभियंता आरके गुप्ता का कहना है कि रिबोर हैडपंपों को ठीक कराने के लिए कोई शासनादेश नहीं जारी हुआ है लेकिन अस्थायी रूप से खराब पड़े हैडपंपों को सही कराने की जिम्मेदारी ग्राम पंचायत और नगर पंचायत की होती है।
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