किशोरी की मौत के बाद घर के बाहर जुटी परिवार की महिलाएं औरबच्चे। स्रोत: वीडियो ग्रैव
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उझानी। बुजुर्ग दादी को निजी क्लीनिक से दवा दिलाकर लौटी किशोरी ने कमरे में फंदे पर लटककर जान दे दी। पिता खेत से घर लौटे तो कमरे में बेटी को फंदे से लटका देख शव उतारा। पुलिस को शव चारपाई पर रखा मिला। फॉरेंसिक टीम ने साक्ष्य जुटाए। पुलिस घटना का कारण जानने की कोशिश कर रही है।
घटना कोतवाली क्षेत्र के गांव बुटला दौलत में बृहस्पतिवार अपराह्न करीब एक बजे की है। गांव के इंद्रपाल की 14 वर्षीय बेटी विदिशा उस वक्त घर में बुजुर्ग दादी भगवान देवी के साथ अकेली थी। पिता इंद्रपाल ने पुलिस को बताया कि वह प्रात: मां भगवान देवी से यह कहकर खेत पर चले गए कि विदिशा के साथ जाकर दवा ले आना।
दोपहर में घर लौटे तो विदिशा कमरे में फंदे से लटकी मिली। यह देख उनके होश उड़ गए। चीख- पुकार सुनकर पड़ोस के लोग भी घर में आ गए। इंद्रपाल ने पड़ोसियों की मदद से बेटी विदिशा का शव फंदे से उतारकर चारपाई पर रख लिया।
मृत किशोरी के पिता की सूचना के बाद प्रभारी निरीक्षक प्रवीण कुमार भी पुलिस कर्मियों के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने विदिशा की मौत की वजह को लेकर बुजुर्ग दादी और उनके पिता से भी जानकारी की। मौत की वजह को प्रभारी निरीक्षक ने पुलिस की फॉरेंसिक टीम को बुलाकर कमरे से लेकर आसपास तक क्षेत्र में साक्ष्य एकत्र कराए। पुलिस ने पोस्टमॉर्टम कराके शव उनके परिजनों को सौंप दिया है।
इस संबंध में सीओ सुनील कुमार सिंह ने बताया कि मामला आत्महत्या का है। किशोरी ने आत्महत्या क्यों की, इसकी जांच की जा रही है।
इकलौती बेटी थी विदिशा, दस साल पहले हो चुकी है मां की मौत
बुटला निवासी इंद्रपाल की बेटी विदिशा के आत्महत्या किए जाने को लेकर पसोपेश के बीच बुजुर्ग दादी भगवान देवी भी सदमे में हैं। इंद्रपाल की पत्नी की करीब दस साल पहले रहस्यमय ढंग से मौत हो गई थी। संतान के रूप में विदिशा ही उनके घर का इकलौता चिराग थी। उसकी मौत के बाद से इंद्रपाल भी बदहवास नजर आए।