पुरानी पेंशन बहाली की मांग कर रहे शिक्षकों पर लखनऊ में किए गए लाठीचार्ज के विरोध में शुक्रवार को शिक्षकों का गुस्सा दिखाई दिया। शिक्षकों ने मालवीय आवास पर एकत्र होकर काला दिवस मनाया। लाठी चार्ज में मृत शिक्षक के मामले में दोषियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा चलाने की मांग की।
अटेवा-पेंशन बचाओं मंच की ओर से मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिला प्र्रशासन को दिया गया। इसमें जान गंवाने वाले शिक्षक के परिवार को एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता देने, परिवार के एक सदस्य को नौकरी, लाठीचार्ज की न्यायिक जांच, पुरानी पेंशन बहाली, पीएफआरडीए अधिनियम को रद्द करने के लिए प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजने की मांग की गई है। वहीं, सभा में लाठीचार्ज में जान गंवाने वाले शिक्षक रामाशीष सिंह को श्रद्धांजलि दी। धरना में संयोजक अनिल यादव ने कहा कि लखनऊ में सभी शिक्षक एवं कर्मचारी पुरानी पेंशन बहाली को लेकर शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर रहे थे लेकिन पुलिस ने अचानक लाठीचार्ज कर दिया। जिला संरक्षक शिवाधार सिंह ने कहा कि सरकार चाहे कितना भी दमन करे, लेकिन पुरानी पेंशन बहाली होने तक संघर्ष जारी रहेगा। कहा कि प्रदेश सरकार बार-बार पुरानी पेंशन बहाली को लेकर झूठे दिलासे देती रही। कहा कि एक अप्रैल 2005 के बाद नियुक्त सभी शिक्षक, कर्मचारी इसका जवाब देंगे। कोषाध्यक्ष मुन्ना लाल ने कहा कि प्रदेश सरकार पश्चिम बंगाल, केरल, त्रिपुरा की भांति उप्र में भी पुरानी पेंशन बहाल करे। धरने में शिवाधार सिंह, शिवशंकर यादव, उदयवीर सिंह, डॉ. अरुण यादव, अनिरूद्ध, चंद्रप्रकाश, हृदेश भारद्वाज, विद्याधर त्रिपाठी, प्रमोद कुमार, वीरेंद्र कुमार, निर्भान सिंह, अमित कुमार, सचिन रस्तोगी, विशेष कुमार पांडे, पंकज गुप्ता, राजेश कुमार, संजय कुमार, गजेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।
लाठीचार्ज के दोषियों पर हो कठोर कार्रवाई
उझानी (बदायूं)। अटेवा पेंशन बचाओ मंच के कार्यकर्ताओं समेत स्वायत्त शासन कर्मचारी महासंघ ने लखनऊ में शिक्षकों पर लाठीचार्ज और शिक्षक की मौत के मामले में प्रदेश सरकार की आलोचना की। उन्होंने दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग करते हुए राज्यपाल को ज्ञापन भेजा है।
अटेवा पेंशन बचाओ मंच के कार्यकर्ताओं की बैठक में अध्यक्ष देवेंद्र पाल गुप्ता ने कहा कि प्रदेश सरकार ने अपने हक की आवाज बुलंद करने वाले शिक्षकों पर जिस तरह से लाठीचार्ज कराया, उसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। शिक्षक रामाशीष सिंह की मौत के लिए जिम्मेदार लोगों पर भी कठौर कार्रवाई होनी चाहिए। सरकार ने दोषियों को बख्शा तो आंदोलन किया जाएगा। बैठक में ललित कुमार वार्ष्णेय, गजेंद्र सिंह, विजय प्रकाश, राजेश कुमार, मनोज राना, परमवीर सिंह, कर्मवीर, पवन यादव, मदन मोहन, विनीत सोलंकी, संदीप माहेश्वरी और रामकृपाल आदि मौजूद थे। वहीं, स्वायत्त शासन कर्मचारी महासंघ के प्रांतीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजेश कुमार जौहरी ने महासंघ के पदाधिकारियों की बैठक में लाठीचार्ज की घटना की निंदा की गई। लाठीचार्ज के दौरान मृत शिक्षक रामाशीष सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। उन्होंने पूरे मामले की न्यायिक जांच के लिए राज्यपाल को ज्ञापन भेजा है। बैठक में आशीष शर्मा, तौसीफ अहमद, अशोक कुमार, निखिल कुमार, कमर जावेद,राजकुमार गुप्ता, संजय गौतम और गफूरन आदि मौजूद थीं।