हैंड होल्डिंग पोर्टेबल एक्स-रे मशीन से बंदियों की होती जांच। स्रोत- विभाग
बदायूं। टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत जिले को एक सौगात मिली है। जिला क्षय रोग केंद्र को एक हैंड होल्डिंग पोर्टेबल एक्स-रे मशीन उपलब्ध कराई गई है।
यह पोर्टेबल एक्स-रे मशीन उन मरीजों के लिए अत्यंत उपयोगी साबित होगी, जो दूरी या अन्य कारणों से अस्पताल आने में असमर्थ रहते हैं। इसके माध्यम से अब ऐसे क्षेत्रों में जाकर टीबी की जांच संभव हो सकेगी, जहां पहले जांच कर पाना कठिन था। साथ ही जिला जेल में निरुद्ध सभी बंदियों का भी एक्स-रे किया जाएगा, जिन्हें सुरक्षा कारणों से बाहर लाना संभव नहीं होता।
हैंड होल्डिंग पोर्टेबल एक्स-रे मशीन का आज शुक्रवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रामेश्वर मिश्रा एवं जेल अधीक्षक राजेंद्र कुमार द्वारा संयुक्त रूप से फीता काटकर विधिवत उद्घाटन किया गया।
जिला जेल में सभी बंदियों की जांच के लिए 2 जनवरी से 8 जनवरी तक चलने वाले स्वास्थ्य शिविर का रोस्टर तैयार किया गया है। इस शिविर के अंतर्गत सभी बंदियों का एक्स-रे किया जाएगा तथा जिन बंदियों में टीबी के संभावित लक्षण पाए जाएंगे, उनकी बलगम की जांच सीबी-नैट मशीन के माध्यम से कराई जाएगी।
एक्स-रे और सीबी-नैट जांच के माध्यम से जिन बंदियों में टीबी की पुष्टि होगी, उनका जेल परिसर में ही तत्काल इलाज शुरू कर दिया जाएगा। शिविर के पहले दिन 20 बंदियों की जांच एवं एक्स-रे किए गए। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इस पहल से जेल में टीबी की समय रहते पहचान और उपचार संभव हो सकेगा, जिससे संक्रमण फैलने की आशंका भी कम होगी। इस अवसर पर आयोजित शिविर में जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. विनेश कुमार, जेलर रनंजय सिंह सहित अन्य स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित रहे।