मौसम के करवट बदलने के साथ वायरल के मरीजों की तादाद भी बढ़ने लगी है। स्वाइन फ्लू के खौफ के बीच लोग फीवर और खांसी-जुकाम को भी स्वाइन फ्लू मान रहे हैं। अस्पताल में मरीजों की लाइन लग रही है। हर पांचवां आदमी खुद में स्वाइन फ्लू के लक्षण बता रहा है। जिला अस्पताल के डॉक्टर भी इससे परेशान हैं।
पिछले सप्ताह उझानी ब्लाक के गांव सिरसौली में स्वाइन फ्लू से नफीस नाम के युवक की मौत। इसके बाद गांव में स्वाइन फ्लू के एक दर्जन संदिग्ध मरीज मिलने से लोग दहशत में हैं। तीन दिन से मौसम का रोज मिजाज बदल रहा है। इससे खांसी-जुकाम और वायरल के मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। जिले में स्वाइन फ्लू के खौफ के बीच लोग वायरल को भी स्वाइन फ्लू के लक्षणों से जोड़कर देख रहे हैं। इससे जिला अस्पताल के डॉक्टर भी परेशान हैं।
अचानक मौसम में बदलाव से फीवर और खांसी-जुकाम के मरीज बढ़े हैं। यह बात सही है कि इस तरह के मरीज खुद में स्वाइन फ्लू के लक्षण समझ कर भयभीत हो रहे हैं। बदलते मौसम में सावधानी बरत कर बचा जा सकता है।
-डॉ. हरपाल सिंह, चिकित्सा अधीक्षक जिला अस्पताल