उझानी। कोतवाली क्षेत्र के गांव हजरतपुर के जंगल में पांच फरवरी को हुई बंटी की हत्या कादरचौक के ही इंद्रपाल ने साले के साथ मिलकर की थी। हमलावरों ने गला दबाकर और गले में पेंचकस घोंपकर हत्या को अंजाम दिया था।
मुख्य हत्यारोपी इंद्रपाल के भाई की करीब छह साल पहले सड़क हादसे में मौत हो गई थी, उसे शक था कि भाई की हत्या की गई है और बंटी व उसके भाई इसमें शामिल हैं। पुलिस ने हत्यारोपी की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल की गई बुलेट व पेंचकस बरामद कर उसे जेल भेज दिया है।
पांच जनवरी की सुबह उझानी के गांव हजरतगंज में दिल्ली-मेरठ हाईवे के किनारे खेत में एक अज्ञात युवक का शव मिला था। छह जनवरी को युवक की पहचान बंंटी उर्फ पिंटू (25) पुत्र भगवानदास निवासी कादरचौक के रूप में हुई थी। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में गला दबाकर और गले में धारदार हथियार के घोंपने से मौत की वजह सामने आई थी।
पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर हत्या की तफ्तीश शुरू की। तफ्तीश में कादरचौक कस्बे के ही इंद्रपाल व उसके साले प्रदीप का नाम प्रकाश में आया। पुलिस ने इंद्रपाल को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। इस पर इंद्रपाल ने हत्या करने की बात कबूल कर ली।
उसने बताया कि करीब छह साल पहले उसके छोटे भाई रामगोपाल की उसहैत रोड पर गांव सिमरा के पास एक सड़क हादसे में मौत हो गई थी, जिस समय हादसा हुआ था उस समय बंटी का छोटा भाई लखनलाल और मोहल्ले का एक और युवक उसके भाई के साथ में था। हादसे में इन दोनों को चोट नहीं आई थी, जबकि उसके भाई के गले पर चोट थी।
वहीं, हादसे की जानकारी पर बंटी मौके पर गया था। बंटी समेत सभी ने पेड़ से बाइक के टकराने पर रामगोपाल की मौत होना बताया था। उस समय गांव में चर्चा थी कि उसके भाई की हत्या में बंटी समेत उसके भाइयों का हाथ है, लेकिन इंद्रपाल के पिता मुनेंद्र ने इस मामले में पुलिस को कोई तहरीर नहीं दी। इंद्रपाल के पिता ने समझौता कर लिया था। इसी बात को लेकर इंद्रपाल के अपने पिता से भी मतभेद हो गए थे।
छह साल से बदले के इंतजार में था इंद्रपाल
इंद्रपाल ने बताया कि वह छोटे भाई रामगोपाल को बेहद प्यार करता था। उसे लगता था कि भाई की मौत से उसका सब कुछ छिन गया है। छह साल से वह बदला लेने की फिराक में था। इसके चलते उसने अपने साले प्रदीप के साथ मिलकर चार फरवरी को बंटी उर्फ पिंटू को दावत खिलाने के बहाने बरेली जाने की बात कहकर बदायूं-बिल्सी रोड स्थित प्लॉट पर बुलाया।
दोनों ने यहां उसे पहले शराब पिलाई। जब उसे नशा हो गया तो उसे बुलेट पर बैठाकर हजरतगंज के जंगल में ले गए। जहां उसकी गला दबाकर हत्या कर दी। इसके बाद बाइक के टूल बॉक्स में रखे पेचकस से उसके गले में कई वार किए। इससे उसकी मौत हो गई। पुलिस अब दूसरे आरोपी इंद्रपाल के साले प्रदीप की तलाश में जुट गई है।