ठंड में धुंध के साथ बढ़ने वाले प्रदूषण की रोकथाम की कवायद प्रशासन ने शुरू कर दी है। इस बार खेतों में पराली जलाए जाने से रोकने के लिए सेटेलाइट से निगरानी की जा रही है। अगर किसी किसान ने पराली जलाई तो उस किसान के खिलाफ प्रशासनिक अधिकारी कानूनी कार्रवाई करते हुए उस पर जुर्माना डालेंगे। उसे जेल भी भेजा जा सकता है।
धान की पराली को जलाने की तमाम घटनाएं हो रही है, जिसको रोकना मुश्किल हो रहा था। इसको देखते हुए शासन ने सख्त कदम उठाए हैं। कोई पराली न जलाने पाए, इसको लेकर इसकी निगरानी रिमोट सेंसिग सेंटर को सौंपी गई है। यह अपनी सेटेलाइट से पराली जलाने की घटना पर नजर रखेगा, जो जिला प्रशासन को तुरंत बता देगा कि इतने अक्षांश एवं देशांतर पर पराली जलाई गई है। इसके बाद राजस्व व कृषि विभाग के अधिकारी अलग-अलग तरीके से पता कर लेंगे कि सेटेलाइट से मिली सूचना के अनुसार किस किसान का खेत स्थित है।
उसके बाद में जिला प्रशासन की तरफ से संबंधित किसानों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जिला कृषि अधिकारी विनोद कुमार ने बताया कि शासन ने इस ओर सख्त कदम उठाए हैं। ऐसे में सभी किसान इस बात का ध्यान रखें। पराली को किसी भी कीमत पर जलाए नहीं, बल्कि इसके गोशाला के लिए दान दे सकते हैं।