दातागंज क्षेत्र में बना मुड़ा पुल। फाइल फोटो
बदायूं। रामगंगा नदी पर बने मूड़ा पुख्ता पुल की एप्रोच रोड बाढ़ में बह गई थी। गूगल मैप के सहारे इस पुल से जाते वक्त कार सवार तीन लोग अधूरे पुल से गिरकर मर गए थे। हादसे के बाद आईआईटी रुड़की की रिपोर्ट पर पीडब्ल्यूडी ने मूड़ा पुख्ता पुल की लंबाई बढ़ाने के लिए सर्वे शुरू कर दिया है। जल्द ही डीपीआर शासन को भेजी जाएगी।
मूड़ा पुख्ता और फरीदपुर के बीच से होकर रामगंगा नहर गुजरती है। इसके ऊपर आवागमन के लिए सेतु निगम के अधिकारियों ने 2021 में पुल बनाकर पीडब्ल्यूडी को हस्तांतरित कर दिया था। हालांकि उस समय एप्रोच रोड अधूरी थी। साल 2023 में रामगंगा नहर में पानी बढ़ जाने से फरीदपुर की ओर पुल की अधूरी एप्रोच रोड करीब 200 मीटर तक बह गई थी।
पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने आईआईटी रुड़की की टीम से पुल से एप्रोच तक दोबारा सड़क बनाने के लिए सर्वे कराया था। इसमें आईआईटी की टीम ने बरेली की ओर 150 मीटर तक पुल की लंबाई बढ़ाने की सलाह दी थी। साथ ही पुल के दोनों ओर गाइड बंद बनवाने की आवश्यकता जताई।
आईआईटी की रिपोर्ट के बाद पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने पुल की लंबाई बढ़ाने के लिए सर्वे शुरू कर दिया है, जो करीब सप्ताह भर चलेगा। इसके बाद डीपीआर तैयार शासन को भेजी जाएगी। इसमें करीब 10 करोड़ रुपये खर्च आने का अनुमान है। पीडब्ल्यूडी के अभियंता नरेश कुमार ने बताया कि आईआईटी की रिपोर्ट पर डीपीआर तैयार कराया जा रहा है। जल्द ही शासन को भेजेंगे।
24 नवंबर को हुआ था हादसा
मूड़ा पुख्ता गांव के पास बीती 24 नवंबर को फरीदपुर थानाक्षेत्र में रामगंगा नदी पर फरीदपुर-बदायूं के दातागंज को जोड़ने वाले अधूरे पुल से कार सवार गूगल मैप से जा रहे थे। इस दौरान कार नदी में 25 फुट नीचे जा गिरी थी। हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई थी। मृतक में मैनपुरी बिछवां निवासी अमित सिंह (38),फर्रुखाबाद निवासी अजीत कुमार (38) और उनके चचेरे भाई नितिन शामिल थे।
24 पिलर पर बना है पुल
बरेली के फरीदपुर तहसील से जोड़ने के लिए मुड़ा गांव का पुल 24 पिलर पर बना हुआ है। इसमें 21 पिलर फरीदाबाद और तीन पिलर बदायूं में आते हैं। नए सर्वे में इस पुल के पिलरों की संख्या को बढ़ाया जा सकता है।