गेहूं के नुकसान के सर्वे में राजस्व कर्मियों की भूमिका पर सवाल उठाते हुए भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं ने सोमवार को कछला में आवाज बुलंद की। पलिया और ननाखेड़ा के लेखपालों के खिलाफ कार्रवाई की वकालत करते हुए एसडीएम को भी मौके पर बुला लिया गया। हालांकि एसडीएम ने जांच का भरोसा दिलाया, लेकिन कार्यकर्ताओं ने सर्वे में मनमानी के खिलाफ प्रदर्शन किया।
कछला के तोमर मार्केट में भाकियू की पंचायत दोपहर में शुरू हुई। जिलाध्यक्ष धर्मपाल सिंह और मंडल अध्यक्ष शिशुपाल सिंह के सामने कार्यकर्ताओं ने ननाखेड़ा और पलिया पुख्ता में गेहूं की फसल में नुकसान का आकलन करने के नाम पर किसानों से वसूली करने का आरोप लगाया। जिलाध्यक्ष श्री सिंह ने एसडीएम सदर प्रदीप कुमार से बात की उन्हें पंचायत स्थल पर बुला लिया। यूनियन के कार्यकर्ताओं ने एसडीएम को भी शिकायतों का पुलंदा थमा दिया। कार्यकर्ताओं ने उन्हें एक लेखपाल की शिकायत की रिकार्डिंग भी सुनवा दी।
गुस्साए किसानों ने लेखपालों के खिलाफ प्रदर्शन किया। नारेबाजी भी की गई। हालांकि एसडीएम ने यूनियन के वरिष्ठ नेताओं को आरोपों की जांच कराके दोषी पाए जाने पर लेखपालों के खिलाफ कार्रवाई का भरोसा भी दिलाया लेकिन कार्यकर्ताओं ने नुकसान का नए सिरे से सर्वे कराने के लिए उन्हें ज्ञापन भी सौंप दिया। एसडीएम के समझाने पर प्रदर्शनकारियों के तेवर नरम पड़े। प्रदर्शनकारियों में वरिष्ठ नेता दिग्विजेंद्र सिंह, नकी हसन, जुगेंद्र सिंह, सोमवीर सिंह, नगर अध्यक्ष चंद्रमोहन वर्मा, सुखपाल सिंह, मुकेश गुप्ता, राजेश कुमार, गजेंद्र सिंह, प्रेमपाल आदि शामिल थे।