बिजली महकमे के चतुर्थ श्रेणी के संविदा कर्मचारियों की विभिन्न मांगों पर सरकार एवं विभाग का रुख नरम हो गया है। मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के प्रबंध निदेशक ने कर्मचारियों की मांग पर आवश्यक कार्यवाही करने के लिए दो महीने का समय मांग लिया है, जिसमें संविदा कर्मचारियों की सात मांगों को पूरा करने का आश्वासन भी दिया है।
उत्तरप्रदेश राज्य विद्युत परिषद चतुर्थ श्रेणी संविदा कर्मचारी संघ के कार्यवाहक प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन ने बताया कि संविदा पर बिजली महकमे में काम करने वालों के शोषण को रोकने के लिए संगठन आरपार की लड़ाई लड़ने को तैयार है। इसी तैयारी के नतीजों के चलते प्रबंध निदेशक ने धरने में कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान कराने के लिए दो महीने का समय लिया है। बताया कि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को भेजे पत्र का भी असर हुआ है। इधर, हर्षवर्धन ने बताया कि आगामी छह मई को विभिन्न मांगों को लेकर मेरठ के ऊर्जा भवन में धरना प्रदर्शन का आयोजन किया जाएगा।